बुधवार को खबर आई थी कि संयुक्त अरब अमीरात द्वारा मात्र 23 लाख रुपये में भारतीय नागरिकों को लाइफटाइम के लिए गोल्डन वीजा दिया जा रहा है। इस खबर के सामने आने के बाद देश में इसे लेकर खूब चर्चा हुई। लेकिन अब अब गोल्डन वीजा को लेकर यूएई के अधिकारियों ने कहा कि एक लाख दिरहम (23.30 लाख) में भारतीय और बांग्लादेशी नागरिकों के लिए कोई गोल्डन वीजा नहीं हैं। बता दें कि 6 जुलाई को एक खबर सामने आई थी, जिसमें ये कहा गया था कि यूएई की सरकार ने एक गोल्डन वीजा प्रोग्राम को शुरू किया है। इसके तहत यूएई में संपत्ति या व्यवसाय में बड़े निवेश का तरीका वर्तमान तरीके से अलग होगा। इसमें भारत में नामांकन-आधारित गोल्डन वीजा के प्रारंभिक रूप का परीक्षण करने के लिए रयाद ग्रुप नाम की एक परामर्श कंपनी को चुनने की बात कही गई थी।
कंपनी ने मांगी माफी
इस मामले पर दुबई स्थित निजी कंपनी रयाद ग्रुप ने बुधवार को सार्वजनिक रूप से मांफी मांगी है और संयुक्त अरब अमीरात गोल्डन वीजा नियमों के बारे में मीडिया में गलत जानकारी फैलाने की पूरी जिम्मेदारी ली है। रयाद ग्रुप ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से एक बयान में कहा, "हालिया रिपोर्टों और टिप्पणियों से जनता में पैदा हुए भ्रम के लिए हम बिना किसी शर्त के माफी मांगते हैं और हम यह सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं कि भविष्य में होने वाले संवाद स्पष्ट, सटीक और यूएई के कड़े नियामक ढांचों के अनुरूप हों। हम इस अवसर पर यह भी स्वीकार करना चाहते हैं कि रयाद ग्रुप के प्रबंध निदेशक द्वारा की गई कुछ सार्वजनिक टिप्पणियां गलत थीं।"
रयाद ग्रुप ने अपनी सर्विस को किया बंद
रयाद ग्रुप ने आगे कहा कि उनके द्वारा दिया गया बयान यूएई गोल्डन वीजा कार्यक्रम के संबंध में उनके उद्देश्य, सेवाओं के दायरे या उनके अधिकार की सीमाओं को सटीक रूप से नहीं दर्शाते हैं। कंपनी ने अपने बयान में आगे कहा, "पूरी स्पष्टता के साथ दोहराना चाहता हूं, वर्तमान में नो गारंटीड वीजा, फिक्स्ड प्राइस प्रोग्राम या आजीवन यूएई निवास जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं है और रयाद समूह ऐसी किसी भी व्यवस्था की पेशकश, समर्थन, भागीदारी या समर्थन नहीं करता है। भ्रम पैदा होने के कारण रयाद समूह गोल्डन वीजा के लिए प्राइवेट एडवाइजरी सर्विस को बंद कर रहा है।