1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. Security Council in India: रूस ने पहली बार दुनिया के सामने खुलकर भारत के लिए दिखाई दोस्ती, सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट को लेकर कही ये बात

Security Council in India: रूस ने पहली बार दुनिया के सामने खुलकर भारत के लिए दिखाई दोस्ती, सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट को लेकर कही ये बात

 Published : Sep 25, 2022 09:31 pm IST,  Updated : Sep 25, 2022 09:31 pm IST

Security Council in India: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बताते हुए सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत का समर्थन किया है।

PM Modi and President Putin - India TV Hindi
PM Modi and President Putin Image Source : AP

Security Council in India: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बताते हुए सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत का समर्थन किया है। उन्होंने शनिवार को महासभा की उच्च स्तरीय बैठक में कहा, परिषद और संयुक्त राष्ट्र को समकालीन वास्तविकताओं के साथ जुड़ना होगा। उन्होंने कहा, हम अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के देशों के प्रतिनिधित्व को व्यापक बनाकर सुरक्षा परिषद को और अधिक लोकतांत्रिक बनाने की संभावना देखते हैं। उन्होंने भारत और ब्राजील को विशेष रूप से प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और परिषद के भीतर स्थायी सदस्यता के योग्य उम्मीदवारों के रूप में जोड़ने का जिक्र किया।

रूस ने पहली बार खुलकर समर्थन किया 

रूस ने भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया। यह पहली बार है कि देश ने सार्वजनिक रूप से ऐसा किया है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास सभी तीन पश्चिमी स्थायी सदस्यों और रूस का समर्थन है। जो चीन को छोड़कर सभी स्थायी सदस्यों के समर्थन के बराबर है। ब्राजील के पास अमेरिका का समर्थन नहीं है, जबकि जर्मनी और जापान, जो स्थायी सीटों के लिए सबसे आगे हैं, उसके पास रूस का समर्थन नहीं है।

लावरोव ने एशियाई देशों को अपने अधीन करने और आसियान को कमजोर करने के प्रयास के रूप में यूएस इंडो-पैसिफिक रणनीति की आलोचना की। भारत चार देशों के समूह क्वाड के सदस्य के रूप में इंडो-पैसिफिक रणनीति में शामिल है, जिसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, इंडो-पैसिफिक रणनीतियों के नारे के तहत बंद प्रारूप बनाए जा रहे हैं और वे दशकों से आसियान पर जो बनाया गया है, उसे कमजोर करते हैं।

अमेरिका पूरी दुनिया को पीछे चलाने की कोशिश में
नाटो ने अब यूरो-अटलांटिक और इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा को 'अविभाज्य' घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा, अमेरिका पूरी दुनिया को अपने पीछे चलाने की कोशिश कर रहा है, और पश्चिम ब्लॉकों के बीच टकराव की तर्ज पर हर जगह विभाजन रेखा पेश कर रहा है। उन्होंने कहा, आप या तो हमारे साथ हैं या हमारे खिलाफ हैं, कोई तीसरा विकल्प संभव नहीं है, कोई समझौता नहीं है। उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कठोर रुख को दोहराया।उन्होंने कहा कि, यूक्रेन में रूसी भाषी अल्पसंख्यकों के अधिकार प्रतिबंधित हैं और पश्चिम द्वारा उकसाए गए राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने टकराव शुरू किया, जिसका उनके देश ने जवाब दिया।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश