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ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर हमले की कहानी, खुद अमेरिका की जुबानी, 14 हजार किलो के बमों ने मचाई तबाही

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jun 22, 2025 10:51 pm IST,  Updated : Jun 22, 2025 10:51 pm IST

ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका ने जो हमला किया, उसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। हमले के बाद अमेरिका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ये जानकारी दी कि किस तरह उसने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

America- India TV Hindi
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ Image Source : AP

वाशिंगटन: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिका भी कूद पड़ा है। अमेरिका ने रविवार सुबह (भारतीय समयानुसार 4:10 बजे) ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर घातक हमला किया। ईरान के इन 3 ठिकानों (फोर्डो, नतांज और इस्फहान) पर हुए इस अमेरिकी हमले की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। अमेरिका ने ईरान पर 7 B-2 बॉम्बर से हमला बोला। 

अमेरिकी ने दी हमले की जानकारी

ईरान के परमाणु ठिकाने पर अमेरिका ने जो हमला किया, उसके बारे में हमले के करीब 13 घंटे बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री और जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन केन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी है। अमेरिकी हमले के बारे में जनरल डैन केन ने बताया, 'इस ऑपरेशन में 125 से ज्यादा जेट थे और इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन मिडनाइट-हैमर था।'

ईरान की फोर्डो और नतांज साइट पर अमेरिका के B-2 बॉम्बर ने 30 हजार पाउंड (14 हजार किलो) के एक दर्जन से ज्यादा GBU-57 बम (बंकर बस्टर) गिराए। जिसने वहां तबाही मचा डाली। इसके अलावा इस्फहान और नतांज पर 30 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। इन मिसाइलों को लॉन्च करने के लिए अमेरिका ने पनडुब्बियों का सहारा लिया, जोकि 400 मील दूर से छोड़ीं गईं। 

ईरान को मूर्ख बनाकर किया गया हमला

जनरल डैन केन के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की जो रणनीति बनाई थी, उसके बारे में बेहद कम लोगों को ही जानकारी थी। जनरल डैन केन के मुताबिक, अमेरिका ने हमले को सफल बनाने के लिए ईरान को मूर्ख भी बनाया। 

अमेरिका ने अपने कुछ बॉम्बर्स को प्रशांत महासागर में तैनात किया। ऐसे में ईरान को लगा कि हमला वहां से हो सकता है। लेकिन बाद में अमेरिका ने व्हाइट-मैन एयरफोर्स बेस से हमला किया। इस रणनीति को ईरान समझ नहीं पाया और अमेरिकी हमला सफल हो गया।

उपराष्ट्रपति वेंस का भी सामने आया बयान

अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध में नहीं है, बल्कि हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ युद्ध में हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को कहा कि ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों ने उसके परमाणु कार्यक्रम में काफी देरी की है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी, ईरान के साथ युद्ध में नहीं हैं।

उन्होंने एबीसी से कहा, "मैं यहां संवेदनशील खुफिया जानकारी में नहीं जाना चाहता, लेकिन हम जानते हैं कि हमने कल रात ईरानी परमाणु कार्यक्रम को काफी हद तक पीछे धकेल दिया है, चाहे वह वर्षों या उससे भी अधिक हो। हम ईरान के साथ युद्ध में नहीं हैं। हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ युद्ध में हैं और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ने कल रात उस कार्यक्रम को नष्ट करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की।"

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