US Independence Day: आज की तारीख में दुनिया की एकमात्र महाशक्ति अमेरिका 4 जुलाई 1776 को आजाद हुआ था। 1776 से पहले अमेरिका लंबे समय तक अंग्रेजों का गुलाम रहा था। आज हम आपको उन 3 अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बारे में बताएंगे जिन्होंने उसी तारीख को दम तोड़ा जिस तारीख को अमेरिका आजाद हुआ था। इसमें भी कमाल की बात यह है कि इनमें से 2 राष्ट्रपतियों ने तो एक ही दिन दुनिया को अलविदा कहा। एक और दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों ही नेताओं का अमेरिका की आजादी में अहम योगदान था।
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4 जुलाई 1826 को 2 अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने तोड़ा दम
4 जुलाई, 1826 का दिन अमेरिका के लिए एक खास दिन था। इस दिन अमेरिका ने अपनी आजादी की घोषणा के 50 साल पूरे किए थे। लेकिन इस दिन की कहानी सिर्फ उत्सव की नहीं, बल्कि इतिहास के एक अनोखे संयोग की भी है। इस दिन अमेरिका के दो महान राष्ट्रपतियों, थॉमस जेफरसन और जॉहन एडम्स ने एक साथ दुनिया को अलविदा कहा। इसके ठीक 5 साल बाद, 4 जुलाई 1831 को एक और राष्ट्रपति जेम्स मुनरो ने भी अपनी आखिरी सांस ली।जॉन एडम्स दूसरे और जेफरसन तीसरे राष्ट्रपति बने
बता दें कि 4 जुलाई, 1776 को अमेरिका ने ब्रिटेन से अपनी आजादी की घोषणा की थी। ये वो दस्तावेज था जिसने एक नए राष्ट्र की नींव रखी। इस घोषणा के पीछे दो बड़े नाम थे थॉमस जेफरसन, जिन्होंने डेक्लरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस का मसौदा तैयार किया, और जॉन एडम्स, जिन्होंने इसके लिए जोरदार समर्थन किया। एडम्स दूसरे और जेफरसन तीसरे राष्ट्रपति बने। लेकिन इन दोनों की कहानी सिर्फ आजादी की लड़ाई और राष्ट्रपति बनने तक सीमित नहीं थी।

बीमारी से जूझ रहे थे जेफरसन और एडम्स
1826 में जब अमेरिका अपनी आजादी की 50वीं सालगिरह मना रहा था, जेफरसन और एडम्स दोनों ही बुजुर्ग हो चुके थे। जेफरसन 83 साल के थे और वर्जीनिया के अपने मॉन्टिसेलो घर में बीमार पड़े थे। दूसरी ओर, एडम्स 90 साल की उम्र में मैसाचुसेट्स के अपने घर में बढ़ती उम्र की बीमारियों से पीड़ित थे। दोनों की तबीयत कई महीनों से खराब थी लेकिन ये संयोग ही था कि दोनों का निधन एक ही दिन 4 जुलाई को हुआ। जेफरसन की हालत सुबह से ही नाजुक थी।
पहले जेफरसन, फिर एडम्स ने छोड़ी दुनिया
इतिहासकारों के मुताबिक, वह बार-बार पूछ रहे थे, ‘क्या आज 4 जुलाई है?’ जैसे वह इस खास दिन का इंतजार कर रहे हों। दोपहर होते-होते करीब 12:50 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। दूसरी ओर, एडम्स जो मैसाचुसेट्स में थे, उसी दिन शाम करीब 6 बजे दुनिया से चले गए। कहा जाता है कि एडम्स के आखिरी शब्द थे, ‘थॉमस जेफरसन अभी जिंदा है।’ उन्हें नहीं पता था कि जेफरसन उनसे कुछ घंटे पहले ही गुजर चुके थे। यह संयोग इतना चौंकाने वाला था कि पूरे अमेरिका में इसकी खूब चर्चा हुई।
बेटी के घर हुआ था जेम्स मुनरो का निधन
अमेरिका के 5वें राष्ट्रपति जेम्स मुनरो का कार्यकाल 1817 से 1825 तक रहा। वह भी डेक्लरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस के समय के एक महत्वपूर्ण नेता थे। उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया, खासकर ‘मुनरो सिद्धांत’ के जरिए, जिसमें उन्होंने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी थी कि वे अमेरिका के मामलों में दखल न दें। 1831 तक मुनरो 73 साल के हो चुके थे और उनकी तबीयत काफी खराब थी। वह न्यूयॉर्क शहर में अपनी बेटी के घर पर रह रहे थे। 4 जुलाई 1831 को वह भी इस दुनिया को अलविदा कह गए।
ए़डम्स और जेफरसन में थी सियासी अदावत
3 राष्ट्रपतियों का एक ही तारीख को, वह भी 4 जुलाई को, निधन होना एक गजब का संयोग है। अमेरिका के इतिहास में यह तारीख इतनी खास थी कि लोग इसे एक चमत्कार की तरह देखने लगे। जेफरसन और एडम्स की दोस्ती और फिर दुश्मनी भी इस कहानी को और दिलचस्प बनाती है। दोनों ने एक साथ मिलकर अमेरिका की आजादी की नींव रखी, लेकिन बाद में उनकी राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो गईं। फिर भी, अपने आखिरी सालों में दोनों ने चिट्ठियों के जरिए फिर से दोस्ती की शुरुआत की थी।