वाशिंगटन/बीजिंग: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के बीच फोन पर वार्ता हुई है। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार। दोनों नेताओं ने चीनी स्वामित्व वाले टिकटॉक को अमेरिका में जारी रखने के समझौते के साथ-साथ दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा हुई।
क्या है बातचीत का एजेंडा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शुक्रवार को चीनी नेता शी जिनपिंग से बात की। ताकि चीन लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप टिकटॉक को अमेरिका में काम करने की अनुमति देने वाले समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी और चीन की शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच यह कॉल वाशिंगटन समयानुसार सुबह 8 बजे शुरू हुई। यह बातचीत इस बात का संकेत दे सकती है कि दोनों नेता व्यक्तिगत रूप से भी मिल सकते हैं ताकि अपने व्यापार युद्ध को खत्म करने और दो महाशक्तियों के बीच संबंधों की दिशा तय करने के लिए अंतिम समझौते पर चर्चा कर सकें।
राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप की जिनपिंग से दूसरी बार वार्ता
व्हाइट हाउस में ट्रंप की वापसी के बाद यह शी के साथ उनकी दूसरी कॉल है। इससे पहले ट्रंप चीन पर उच्च टैरिफ लगा चुके हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार प्रतिबंधों का दौर शुरू गया था और बहुत अधिक तनाव बढ़ गया था। मगर बाद में दोनों देशों में एक व्यापार डील हो जाने से मामला शांत हो गया। अब चीन के साथ आगे के व्यापार समझौतों के लिए ट्रंप ने सहमति जताई है। वह भी खासकर टिकटॉक के मामले में, जिसे अमेरिका में प्रतिबंध से बचाने के लिए उसके चीनी मूल कंपनी बाइटडांस को अपना नियंत्रण बेचने की शर्त रखी गई है।
ट्रंप ने दी जानकारी
ट्रम्प ने कहा, “मैं शुक्रवार को राष्ट्रपति शी से बात कर रहा हूं, यह टिकटॉक और व्यापार को लेकर है। हम सबमें बहुत करीब हैं।” उन्होंने अपनी चीन के साथ “बहुत अच्छी” रिश्तेदारी बताई, लेकिन यूक्रेन में रूस के युद्ध के संबंध में कहा कि अगर यूरोपीय देश चीन पर उच्च टैरिफ लगाएं तो युद्ध खत्म हो सकता है। चीन के वाशिंगटन दूतावास ने किसी शिखर सम्मेलन की पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि शीर्ष नेताओं की कूटनीति चीन-अमेरिका संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है।
जिनपिंग से वार्ता के बाद क्या बोले ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी से बात करने के बाद शुक्रवार को कहा कि वह और जिनपिंग अगले महीने दक्षिण कोरिया में एक शिखर सम्मेलन में मिलेंगे। इसके बाद अगले साल की शुरुआत में चीन की यात्रा करेंगे। ट्रंप बीजिंग के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत करने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं, खासकर टिकटॉक के मामले में। दरअसल ‘टिकटॉक’ की मूल कंपनी अपनी नियंत्रक हिस्सेदारी नहीं बेचती है तो उसे अमेरिका में प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
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