बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बेलहर सीट पर भी तेजस्वी यादव का जोर होगा। 2020 में उनकी पार्टी करीबी अंतर से यह सीट हार गई थी और वह इस बार यहां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे। इस सीट में यादव वोटर निर्णायक भूमिका में रहते हैं और अधिकतर पार्टियां यादव उम्मीदवार ही उतारती हैं। 2020 में भी यहां आरजेडी के रामदेव यादव और जेडीयू के मनोज यादव के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। तब जेडीयू को जीत मिली थी, लेकिन इस बार तेजस्वी नतीजे अपने पक्ष में चाहेंगे। इस बार यहां 11 नवंबर को मतदान होना है।
2020 में मनोज यादव ने यह सीट महज 2,473 वोट के अंतर से जीती थी। यहां, मुस्लिम, राजपूत और रविदास जाति के मतदाता भी अच्छी संख्या में रहते हैं। ऐसे में आरजेडी के पास पलटवार करने का अच्छा मौका रहेगा।
कब किसे मिली जीत?
इस सीट पर कांग्रेस और जेडीयू को चार-चार बार जीत मिल चुकी है। वहीं, आरजेडी ने तीन बार जीत हासिल की है। संयुक्त समाजवादी पार्टी भी यहां से दो बार जीती है। जनता पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार को एक-एक बार जीत मिली है। हालांकि, मजेदार बात यह है कि 2020 में आरजेडी ने रामदेव यादव को टिकट दिया था और वह यहां से चार बार विधायक रह चुके हैं। ऐसे में इस बार आरजेडी सही रणनीति के साथ यह सीट अपने नाम करना चाहेगी। वहीं, कांग्रेस 1990 के बाद से यहां नहीं जीत पाई है। 1962 में बनी इस सीट में कुल 16 विधानसभा चुनाव हुए हैं।
अब किसका पलड़ा भारी?
2020 भले ही आरजेडी और जेडीयू उम्मीदवार के बीच वोट का अंतर बेहद कम था, लेकिन इसके बाद यहां के समीकरण बदले हैं। खास बात यह है कि 2020 में भी चिराग की लोजपा के कारण जेडीयू का वोट शेयर कम हुआ था। इसके बाद 2024 लोकसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार ने इस सीट पर अच्छी बढ़त बनाई थी। इससे साफ है कि इस बार भी आरजेडी की राह आसान नहीं होगी। हालांकि, तेजस्वी की यात्राएं और प्रशांत किशोर की जन सुराज का प्रभाव यहां के समीकरण बदल सकते हैं।
ये भी पढ़ें- बिहार चुनाव 2025: धोरैया में आरजेडी फिर करेगी कमाल या एनडीए उम्मीदवार मारेगा बाजी, जानें समीकरण
बिहार चुनाव 2025: नाथनगर में होगी जेडीयू की वापसी या आरजेडी को दोबारा मिलेगी जीत, जानें समीकरण