वजीरगंज: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। हर दल इसी उम्मीद में है कि जनता का आशीर्वाद उसे मिलेगा। वजीरगंज विधानसभा सीट बिहार के गया जिले में आती है। यहां 2020 में भाजपा से बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस के शशि शेखर सिंह को 22430 वोटों के मार्जिन से हराया था। लेकिन इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ RJD से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। अब देखना ये होगा कि जनता का आशीर्वाद किसे मिलता है।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक वजीरगंज भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनावों में यहां से भाजपा के बीरेंद्र सिंह ने जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 70713 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के शशि शेखर सिंह रहे थे। उन्हें कुल 48283 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार शीतल प्रसाद यादव रहे थे। उन्हें कुल 14173 वोट मिले थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के अवधेश कुमार सिंह ने भाजपा के बीरेंद्र सिंह को 127591 वोट से हराया था। अवधेश कुमार को कुल 80107 वोट मिले थे। वहीं, बीरेंद्र सिंह को 67348 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर CPI के कृष्ण देव यादव रहे थे, उन्हें 4158 वोट से संतोष करना पड़ा था।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
इस सीट से अब तक तीन चुनाव हुए हैं, जिसमें से दो चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की है। वहीं, एक बार यहां से कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिली है। इस बार देखना ये होगा कि बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है। देखना ये भी होगा कि नई पार्टी पर बिहार की जनता कितना भरोसा करती है।