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बिहार की 243 सीटों पर चल रही तैयारी, नीतीश को लेकर कोई मतभेद नहीं: LJP

 Written By: IANS
 Published : Jun 06, 2020 07:04 pm IST,  Updated : Jun 06, 2020 07:05 pm IST

पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ए.के. वाजपेयी ने IANS से कहा कि नीतीश सरकार की कमियों पर सवाल उठाने को नाराजगी से जोड़कर देखना उचित नहीं है।

Paswan- India TV Hindi
Representational Image Image Source : PTI (FILE)

नई दिल्ली. बिहार में नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी(लोजपा) एक्शन मोड में आ चुकी है। पार्टी ने सभी 243 विधानसभा सीटों पर तैयारियां तेज की हैं। पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि एनडीए की ओर से बिहार में मुख्यमंत्री का चेहरा नीतीश कुमार को बनाए जाने को लेकर पार्टी नाराज नहीं है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ए.के. वाजपेयी ने IANS से कहा कि नीतीश सरकार की कमियों पर सवाल उठाने को नाराजगी से जोड़कर देखना उचित नहीं है। हम सवाल इसलिए उठाते हैं ताकि सरकार में सुधार हो। प्रवासी मजदूरों की समस्या को लेकर नीतीश सरकार को और गंभीर होना चाहिए।

लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता ए.के. वाजपेयी ने IANS से कहा, "243 विधानसभा सीटों पर तैयारियों का मतलब यह नहीं है कि हम अकेले चुनाव लड़ेंगे। बल्कि हम तैयारी इसलिए कर रहे हैं कि एनडीए का जो भी उम्मीदवार इन सीटों पर लड़े, उसका हम सहयोग कर सकें। सीटों का बंटवारा बाद में होगा, लेकिन हम चुनाव की घोषणा होने से पहले हर सीट पर अपनी तैयारी पूरी कर लेना चाहते हैं। बूथ लेवल तक तैयारियां चल रहीं हैं।"

ए.के. वाजपेयी ने एनडीए में रहकर भी लोजपा की ओर से समय-समय पर सवाल उठाने से होने वाले फायदे को एक उदाहरण से समझाया।

उन्होंने कहा, "जब एससी-एसटी एक्ट को कमजोर किया गया था, तब लोक जनशक्ति पार्टी ने इसके खिलाफ स्टैंड लिया था। बीजेपी के नेताओं से बात की, जिससे मामला ठीक हो सका। इस नाते मेरा मानना है कि सवाल उठाने से कमियां दुरुस्त होतीं हैं। आज अगर बिहार में प्रवासी मजदूरों की समस्याएं हैं तो उस पर सवाल उठाने में कोई बुराई नहीं है।"

लोक जनशक्ति पार्टी एक करोड़ सदस्य बनाने का टारगेट लेकर चल रही है। मार्च में लॉकडाउन लगने तक पार्टी 31 लाख सदस्य बनाने में सफल रही थी। लॉकडाउन के कारण पार्टी का सदस्यता अभियान ठप हो गया। अब लॉकडाउन धीरे-धीरे खुलने के बाद पार्टी फिर से चुनावी अभियान में जुट गई है। लगातार बैठकें चल रहीं हैं। बीते तीन जून को राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की अध्यक्षता में पार्टी की सेंट्रल कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारियों की चर्चा हुई। इसके बाद पांच जून को बिहार प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों के साथ चिराग पासवान ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। रविवार यानी सात जून को राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान जिलाध्यक्षों की ऑनलाइन मीटिंग लेंगे।

दरअसल, हाल में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक बयान में कहा था कि 'चेहरा कौन होगा, गठबंधन का नेता कौन होगा, यह सब गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी तय करेगी', इस बयान के बाद माना जा रहा था कि नीतीश कुमार को एनडीए का चेहरा बनाए जाने को चिराग पासवान पसंद नहीं कर रहे हैं। इस बयान के मायने इसलिए भी तलाशे जा रहे थे कि जब भाजपा नेता अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पहले ही साफ कर चुके हैं कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार चुनाव के मैदान में उतरेगी तो फिर चेहरा तय करने की बात चिराग क्यों कर रहे हैं।

हालांकि, अब लोक जनशक्ति पार्टी ने ऐसी सभी अटकलों को विराम दे दिया है। क्या बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में लोजपा चुनाव में उतरने को तैयार है? इस सवाल पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वाजपेयी ने कहा, "निश्चित तौर पर हम उनके नेतृत्व में चुनाव में उतरेंगे। एनडीए में भाजपा जो फैसला लेगी हम हर उस फैसले के साथ हैं। केंद्र में हम भाजपा के साथ हैं तो बिहार में भी हम तीनों भाई-भाई हैं।"

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