बिहार में शराबबंदी के एक दशक बाद भी अवैध तस्करों पर अंकुश लगता नहीं दिख रहा है। हालांकि शराबबंदी कानून को अमलीजामा पहनाने के लिए पुलिस और मद्य निषेध विभाग की टीम लगातार एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में सुपौल मद्य निषेध विभाग और स्थानीय पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक बोलेरो पिकअप से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की है। तस्करों ने शराब छुपाने के लिए ऐसा शातिर दिमाग लगाया कि एक बार को पुलिस भी हैरान रह गई।
आखिर कैसे पकड़ी गई यह खेप?
दरअसल, जिला मद्य निषेध व उत्पाद अधीक्षक अशोक कुमार को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस और मद्य निषेध विभाग की टीम ने त्रिवेणीगंज के निपनियां मोड़ के पास स्थित टुनटुन ट्रेडिंग के पास घेराबंदी की। जांच के दौरान एक बोलेरो पिकअप वैन को रोका गया। जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो अधिकारी भी दंग रह गए।
तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए पिकअप वैन लोड कर रखे गए एक बड़े जनरेटर के के अंदर बेहद शातिर तरीके से गुप्त तहखाना (हिडन चैंबर) बना रखा था। इसी सीक्रेट चैंबर में विदेशी शराब की पूरी खेप छिपाकर बिहार में सप्लाई की जा रही थी, ताकि किसी को भनक तक न लगे।

जनरेटर में तहखाना, अंदर 459 लीटर शराब
जनरेटर के भीतर बने तहखाने को खोलकर जब तलाशी ली गई,तो उसके भीतर से ग्रीन लेबल, बैगपाइपर, व्हाइट मिस्चीफ, रॉयल कास्ट और मैजिक मूवमेंट जैसी ब्रांडेड विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं। बरामद की गई सभी बोतलें 750 ML की थीं। पुलिस ने कुल 51 कार्टून शराब जब्त की है, जिसमें कुल 612 बोतलें थीं। मापे जाने पर यह कुल 459 लीटर विदेशी शराब पाई गई।

तस्करों का शातिर खेल पुलिस ने पकड़ा
इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से दो शातिर शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार तस्करों में से एक की पहचान नीरज कुमार के रूप में हुई है, जो झारखंड के धनबाद का रहने वाला है। वहीं दूसरा तस्कर छोटू कुमार है, जो मधेपुरा के परसाही का निवासी बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों का भी पर्दाफाश किया जा सके।
(रिपोर्ट- संत सरोज)
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