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चुनाव प्रचार में AI आधारित भ्रामक कंटेंट से बचें राजनीतिक दल, चुनाव आयोग ने दी सख्त हिदायत, दिया ये निर्देश

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Oct 09, 2025 10:23 am IST,  Updated : Oct 09, 2025 10:57 am IST

चुनाव आयोग ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधान इंटरनेट और सोशल मीडिया पर डाले जाने वाले सभी प्रचार-सामग्री पर भी लागू होते हैं। दूसरे दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना अपुष्ट आरोपों या तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया जाना चाहिए।

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चुनाव आयोग Image Source : PTI

पटना: बिहार में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। इस बीच चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के तहत राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI)) आधारित कंटेंट के दुरुपयोग से बचने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही AI जेनरेटेड कंटेंट के लिए दिशा-निर्देश भी दिय़ा।

तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश न करें

आयोग ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधान इंटरनेट और सोशल मीडिया पर डाले जाने वाले सभी प्रचार-सामग्री पर भी लागू होते हैं।  आयोग ने स्पष्ट किया कि अन्य दलों या उम्मीदवारों की आलोचना उनके नीतिगत रुख, कार्यक्रमों, कार्यों और पिछले रिकॉर्ड तक ही सीमित रहने चाहिए। इन्हें तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया जाना चाहिए।

चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर पड़ेगा असर

आयोग ने कहा, ‘‘दूसरे दलों या उनके कार्यकर्ताओं की आलोचना अपुष्ट आरोपों या तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किए जाने चाहिए।’’ निर्वाचन आयोग ने सभी दलों को आगाह किया कि “AI” तकनीक का उपयोग कर “डीपफेक” या भ्रामक वीडियो तैयार करना और उन्हें सोशल मीडिया के जरिये प्रसारित करना चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। आयोग ने कहा कि चुनावी अखंडता की रक्षा के लिए इस तरह की कोशिशों  पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।

AI कंटेंट के लिए खास निर्देश

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, अगर कोई दल या उम्मीदवार अपने प्रचार में AI जेनरेटेड, डिजिटल रूप से परिवर्तित या कृत्रिम सामग्री का उपयोग करता है, तो उसे स्पष्ट रूप से ‘‘AI जेनरेटेड’’, ‘‘डिजिटली एन्हैंस्ड’’ या ‘‘सिंथेटिक कंटेंट’’ जैसे लेबल के साथ प्रदर्शित करना होगा। 

सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी निगरानी

चुनाव आयोग ने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि चुनावी माहौल को दूषित होने से रोका जा सके। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित दल या उम्मीदवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग ने गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए AI के दुरुपयोग के खिलाफ पार्टियों के लिए कुछ निर्देश जारी किए थे।

दो चरणों में होंगे चुनाव

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। राज्य विधानसभा की कुल 243 सीटों पर दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। आदर्श आचार संहिता लागू होते ही मंत्री सरकारी सुविधाओं का उपयोगनहीं कर पाएंगे। सरकारी वेबसाइटों से नेताओं की तस्वीरें हटाई जाएंगी। नई योजनाओं पर रोक रहेगी और भड़काऊ बयानों पर नियंत्रण रखा जाएगा। सभा और जुलूस के लिए अनुमति लेना जरूरी होगा। मतदान केंद्रों के पास प्रचार पर रोक रहेगी। (इनपुट-PTI)

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