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Bihar Assembly Election 2025: किशनगंज में त्रिकोणीय टक्कर, इस बार कांग्रेस, बीजेपी और AIMIM में किसकी होगी जीत?

 Written By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Aug 26, 2025 03:31 pm IST,  Updated : Nov 07, 2025 04:16 pm IST

Kishanganj Assembly Election 2025: किशनगंज विधानसभा सीट पारंपरिक तौर पर कांग्रेस का गढ़ रही है। हालांकि, पिछले कुछ सालों में यहां चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। AIMIM ने भी यहां अपनी पैठ जमाई है।

किशनगंज विधानसभा चुनाव 2025- India TV Hindi
किशनगंज विधानसभा चुनाव 2025 Image Source : INDIA TV GRAPHICS

Kishanganj Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। पहले चरण में 6 नवंबर को जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोटिंग होगी। इसके मद्देनजर हर सियासी पार्टियां अपनी-अपनी गोटियां बिछा रही हैं। एक तरफ नीतीश कुमार की मौजूदा सरकार ने आवाम को लुभाने के लिए कई मनमोहक स्कीमों का ऐलान किया है, तो वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) और जन सुराज जैसी नई पार्टियां भी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाने के लिए कमर कस चुकी हैं। वहीं, बिहार की किशनगंज विधानसभा सीट पर भी चुनावी हलचल तेज है। किशनगंज विधानसभा सीट, बिहार के सीमांचल क्षेत्र की एक अहम सीट है। यह मुस्लिम बहुल आबादी वाला इलाका है। पारंपरिक तौर पर यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां दूसरी पार्टियां, खासकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी यहां अपनी पैठ जमाई है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। इस सीट पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोटिंग होगी।

क्या रहे पिछले चुनाव के नतीजे?

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार इजहारुल हुसैन ने यहां से जीत दर्ज की थी, जिन्हें 61,078 वोट मिले। इजहारुल हुसैन ने 1,381 वोटों के अंतर से बीजेपी की स्वीटी सिंह को मात दी थी। स्वीटी सिंह को 59,697 वोट मिले थे। वहीं, तीसरे स्थान पर AIMIM के कमरुल होदा रहे, जिन्हें 41,904 वोट मिले थे।

पिछली बार चुनावी मैदान में थे 20 उम्मीदवार

  • इजहारुल हुसैन- कांग्रेस - विजेता
  • स्वीटी सिंह- बीजेपी
  • कमरुल होदा AIMIM

इसके अलावा कई अन्य पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चुनाव लड़ा था। इनमें कुछ अन्य पार्टियों के नाम जिनके उम्मीदवार मैदान में थे-

  • भारतीय सबलोग पार्टी (BSP)
  • बहुजन मुक्ति पार्टी (BMP)
  • भारतीय लोक दल (BLD)
  • विकशील इंसान पार्टी (VIP)
  • राष्ट्रीय उलमा काउंसिल (RUC)
  • ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB)
  • राष्ट्रीय जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) (RJP)
  • लोकतांत्रिक जनता दल (LJD)
  • सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI)

इस सीट पर मतदाता

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के अनुसार, किशनगंज विधानसभा सीट पर मतदाताओं की कुल संख्या 2,83,199 थी। इसमें से 1,77,573 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जो कुल मतदाताओं का लगभग 62.7% था।

किशनगंज सीट का सियासी समीकरण

किशनगंज विधानसभा सीट दशकों से कांग्रेस पार्टी का मजबूत गढ़ रही है। हालांकि, पिछले कुछ सालों में यहां का राजनीतिक समीकरण तेजी से बदला है, जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। आजादी के बाद से ही किशनगंज सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। 2000 के दशक में, लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस सीट पर अपनी पकड़ बनाई। 2000 के विधानसभा चुनाव में, राजद के तस्लीमुद्दीन ने जीत हासिल की। राजद के ही अख्तरुल ईमान ने फरवरी और अक्टूबर 2005 के चुनावों में लगातार दो बार जीत दर्ज कर इस सीट पर राजद की स्थिति को मजबूत किया।

2010 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर अपनी खोई हुई जमीन वापस पाई। कांग्रेस के मोहम्मद जावेद ने इस सीट पर जीत हासिल की। हालांकि, यह जीत बहुत मुश्किल थी, क्योंकि उन्होंने बीजेपी की स्वीटी सिंह को सिर्फ 254 वोटों के मामूली अंतर से हराया था। 2015 के चुनाव में भी मोहम्मद जावेद ने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। उन्होंने फिर से बीजेपी की स्वीटी सिंह को हराया, लेकिन इस बार जीत का अंतर थोड़ा बड़ा था।

2019 का उपचुनाव

2019 में मोहम्मद जावेद किशनगंज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए, जिसके बाद किशनगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। इस उपचुनाव में, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने सबको चौंका दिया। AIMIM के उम्मीदवार कमरुल होदा ने यह सीट जीतकर बिहार की राजनीति में अपनी पहली विधानसभा जीत दर्ज की। इस जीत ने यह संकेत दिया कि मुस्लिम वोट अब केवल कांग्रेस या राजद तक सीमित नहीं हैं।

2020 का विधानसभा चुनाव

2020 का चुनाव इस सीट के लिए ऐतिहासिक था। मुकाबला कांग्रेस, बीजेपी और AIMIM के बीच त्रिकोणीय हो गया था। इस चुनावा में कांग्रेस के इजहारुल हुसैन ने जीत दर्ज की।

किस-किस पार्टी के कौन से उम्मीदवार जीते?

वर्ष विजेता का नाम पार्टी
1952 रावतमल अग्रवाल कांग्रेस
1955  कमलेश्वरी प्रसाद यादव कांग्रेस
1957 अब्दुल हयात कांग्रेस
1962 मोहम्मद हुसैन आज़ाद स्वतंत्र पार्टी
1967 सुशीला कपूर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी
1969 रफीक आलम कांग्रेस
1972 रफीक आलम  कांग्रेस
1977 रफीक आलम कांग्रेस
1980 मोहम्मद मुश्ताक जनता पार्टी (सेक्युलर)
1985 मोहम्मद मुश्ताक लोक दल
1990 मोहम्मद मुश्ताक जनता दल
1995 रफीक आलम कांग्रेस
2000 तस्लीमुद्दीन राष्ट्रीय जनता दल
फरवरी 2005 अख्तरुल ईमान राष्ट्रीय जनता दल
अक्टूबर 2005 अख्तरुल ईमान राष्ट्रीय जनता दल
2010 मोहम्मद जावेद कांग्रेस
2015 मोहम्मद जावेद कांग्रेस
2019 (उपचुनाव) कमरुल होदा AIMIM
2020 इजहारुल हुसैन  कांग्रेस
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