बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की जेल सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने गुरुवार को राज्य की 53 जेलों में 9,073 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 155.38 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है।
आठ जेलों में पहले से स्थापित कैमरा प्रणाली को भी इस परियोजना के तहत एकीकृत किया जाएगा। सम्राट चौधरी ने एक बयान में कहा, "यह परियोजना बिहार की जेल सुरक्षा प्रणाली को काफी मजबूत करेगी और निगरानी व्यवस्था को अधिक सक्षम एवं तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।"
"धनराशि 2025 और 2026 के राज्य बजट से आवंटित की गई"
उन्होंने कहा कि यह पहल पारदर्शिता बढ़ाने, प्रबंधन प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने और तकनीक आधारित सुधारों को प्रोत्साहित करने में सहायक होगी। गृह मंत्री के अनुसार, यह स्वीकृति बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीईएलटीआरओएन) द्वारा कारा एवं सुधार सेवाएं निदेशालय को प्रस्तुत संशोधित विस्तृत अनुमान के आधार पर दी गई है।
बयान में कहा गया, "स्वीकृत 155.38 करोड़ रुपये की राशि में सीसीटीवी कैमरे, सॉफ्टवेयर, फाइबर नेटवर्क, स्थानीय निगरानी तंत्र, पांच वर्ष तक संचालन एवं रखरखाव के लिए जनशक्ति लागत, परामर्श शुल्क, आकस्मिक व्यय एवं बीईएलटीआरओएन का परियोजना लाभांश शामिल है।" चौधरी ने बताया कि इस परियोजना के लिए धनराशि 2025 और 2026 के राज्य बजट से आवंटित की गई है।
कुछ जेलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से लैस कैमरे लगाने की भी योजना है, जिनकी मॉनिटरिंग के लिए पटना सचिवालय में कंट्रोल एंड कमांड सेंटर भी बनाया जा रहा है। ये कैमरे बंदियों की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे और रात में किसी भी असामान्य मूवमेंट पर सायरन बजा सकते हैं। (इनपुट- भाषा)
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