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60 लाख का बीमा हड़पने के लिए दोस्त की हत्या, जज बोले इन पर कोई रहम नहीं होगा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Nov 16, 2025 10:13 pm IST,  Updated : Nov 16, 2025 10:13 pm IST

अदालत ने कहा कि बीमा के पैसों के लिए प्लान बनाकर दोस्ती की हत्या करना रहम के लायक नहीं है। अदालत ने मास्टरमाइंड अनिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

murder Accused- India TV Hindi
हत्या के आरोपी Image Source : REPORTER INPUT

राजस्थान के अलवर में अदालत ने हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने बीमा का 60 लाख रुपये का क्लेम हड़पने के लिए अपने दोस्त की हत्या कर दी थी। उसने प्लान बनाकर अपने दोस्त को मौत के घाट उतार दिया था और बीमा क्लेम से मिलने वाली राशि को अन्य साथियों के साथ बांटने वाला था। हालांकि, पुलिस के शक हुआ तो बारीकी से जांच की और पूरे मामले का खुलासा किया।

इस घटना को लेकर अदालत ने मुख्य आरोपी अनिल खत्री को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने टिप्पणी की कि जब एक बड़ी बीमा राशि पाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई हो और आरोपी उसे अपने साथियों में बांटने वाला हो, तो किसी तरह की नर्मी नहीं बरती जा सकती। 

क्या है मामला?

सरकारी वकील नवनीत तिवारी के अनुसार, अलापुर निवासी अनिल का भाई सुनील काफी समय से लापता था। अनिल ने सुनील की एलआईसी पॉलिसी के 60 लाख रुपए प्राप्त करने की नीयत से उसे मृत साबित करने की साजिश रची। इसके लिए उसने पवन और याकूब के साथ मिलकर ऐसे युवक की तलाश की, जिसकी कद-काठी सुनील से मिलती-जुलती हो। इसी योजना के तहत उन्होंने सालपुर निवासी 24 वर्षीय रामकेश को चुना, जो अलवर के महावीर ढाबे पर काम करता था।

शराब पिलाकर की हत्या

आरोपियों ने पहले रामकेश से दोस्ती की फिर 30 सितंबर को उसे नए कपड़े और जूते दिलाए और बोलेरो में बैठाकर शराब पिलाने के बाद उसकी हत्या कर दी। इसके बाद रामकेश की जेब में सुनील खत्री का वोटर आईडी कार्ड डालकर उसे सुनील साबित करने की कोशिश की गई, ताकि बीमा कंपनी से राशि क्लेम किया जा सके। प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने शव को सुनील मानते हुए पंचनामा कार्रवाई भी शुरू कर दी थी। जांच में मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने अनिल और पवन को गिरफ्तार किया। 

खुद अदालत पहुंचा अनिल

पूछताछ में अनिल ने पूरा अपराध स्वीकार कर लिया। दो दिन पहले पवन और याकूब को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी थी। शुक्रवार को अनिल स्वयं अदालत पहुंचा, जहां कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

(अलवर से मुदित गौर की रिपोर्ट)

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