दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंट अब दिल्ली नगर निगम (MCD) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में आज से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। NDMC और दिल्ली कैंट क्षेत्रों के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू हुई, जबकि एमसीडी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लोगों को यह सुविधा एक मई से 15 मई तक मिलेगी। इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत- सेल्फ एन्युमरेशन जिसका मतलब है कि लोग घर बैठे वेब-पोर्टल के जरिए 16 भाषाओं में अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे।
कैसे करें सेल्फ एन्युमरेशन?
लोग घर बैठे मोबाइल पर अपने घर से संबंधित जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। 16 मई से हाउसिंग सर्वे शुरू होने पर वह घर आने वाले सरकारी कर्मी से इसका सत्यापन करा सकते हैं। आपको अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने के लिए 15 दिनों का समय मिलेगा, जो घर-घर सर्वे शुरू होने से ठीक पहले होगा। इसके लिए आपको मोबाइल नंबर से पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा और जानकारी भरने के बाद मिले सेल्फ एन्युमरेशन आईडी (SE ID) को बाद में आने वाले कर्मचारी (एन्युमरेटर) को दिखाना होगा।
दो चरणों में होगी जनगणना
बता दें कि जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में मकानों की सूची और आवास की गिनती होगी, जबकि दूसरे चरण में लोगों की गिनती होगी। पहली बार यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिसमें जनगणना करने वाले कर्मचारी जानकारी एकत्र करने के लिए अपने फोन पर इस उद्देश्य के लिए बनाए गए एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान लोगों से उनके घरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, घर के मुखिया के बारे में जानकारी, जैसे कि नाम और लिंग, और स्वामित्व की स्थिति के बारे में कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
पहले चरण में क्या-क्या प्रश्न पूछे जाएंगे?
पहले चरण में दिल्लीवासियों के घर एवं उनकी आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। इसमें उनसे पूछा जाएगा कि वह किस प्रकार के मकान में रहते हैं। उनके घर की दीवार, छत, फर्श आदि किस सामग्री से बनी है। वह अपने मकान में रहते हैं या किराये पर। मकान में कितने कमरे हैं, उसमें रहने वालों की संख्या कितनी है, उनके घर में खाना बनाने के लिए अलग किचन है या नहीं। घर में टॉयलेट एवं नहाने की जगह अलग है या नहीं। घर में खाना PNG-LPG से बनता है या किसी अन्य ईंधन का इस्तेमाल होता है। पीने का पानी कहां से उपलब्ध होता है। उनके पास मोबाइल, इंटरनेट, टीवी, डीटीएच, साइकिल, बाइक, स्कूटी, कार आदि है या नहीं।
ऑनलाइन जानकारी देने की क्या प्रक्रिया है?
- आप सीएमएमएस एप या https://se.census.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन जानकारी भर सकते हैं। एप या वेबसाइट पर अपना नाम व मोबाइल नंबर डालने के बाद ओटीपी आएगा उसकी मदद से रजिस्ट्रेशन करें।
- यहां अपने निवास स्थान की जानकारी के लिए सबसे पहले अपना जिला चुनना होगा। पिन कोड और अपने गांव या कस्बे का नाम, क्षेत्र और आसपास के प्रमुख स्थलों की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद सर्च पर क्लिक करें।
- अब एक नक्शा दिखाई देगा जिस पर वह अपने निवास स्थान को चिन्हित कर सकेंगे। इसके बाद पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देना होगा। प्रत्येक प्रश्न के कई विकल्प होंगे जिनमें से एक को चुना जा सकता है।
- इस फॉर्म को भरने के बाद एक स्व-गणना आईडी जनरेट होगी जो आपको SMS या ईमेल के माध्यम से शेयर की जाएगी।
- सत्यापन के लिए जब गणनाकर्ता आपके घर आएगा तो उसे यह बताना होगा।
स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना
बता दें कि स्वतंत्रता के बाद यह आठवीं जनगणना है। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में आयोजित की गई थी। इस बार ये जनगणना पूरी तरीके से गोपनीय है और RTI से भी इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की मशीनरी इस जनगणना के प्रक्रिया को संपन्न करवाएगी। गृहमंत्री की अगुवाई में ये जनगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी जिनके मंत्रालय से राज्य के चीफ सेकेट्री को निर्देश देंगे।
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