नई दिल्ली. दिल्ली में विधायकों की सैलरी पर जंग छिड़ने के आसार है। दरअसल केंद्र सरकार ने दिल्ली के विधायकों की वेतन वृद्धि को मंजूरी तो दी है लेकिन केजरीवाल सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में कटौती कर दी गई है। आज विषय को लेकर आज 11 बजे दिल्ली कैबिनेट की मीटिंग में चर्चा की जा सकती है। सूत्रों द्वारा जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली के विधायकों को 90 हजार रुपये वेतन ( 30 हजार सैलरी + 60 हजार भत्ता) की स्वीकृति दी है।
अब दिल्ली केविधायकों को इतना मिल सकेगा वेतन और भत्ता
| विवरण | प्रस्तावित (2021) |
| वेतन | 30,000 |
| चुनाव क्षेत्र भत्ता | 25,000 |
| सचिवालयी भत्ता | 15,000 |
| टेलिफोन भत्ता | 10,000 |
| वाहन भत्ता | 10,000 |
| कुल | 90,000 |
दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद देश के सभी राज्यों में से दिल्ली के विधायकों को अब भी सबसे कम वेतन महज़ ₹30,000 प्रतिमाह मिलेगा। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली कैबिनेट में आज विधायकों के वेतन और अन्य भत्तों का प्रस्ताव लाया जाएगा। दिल्ली सरकार पहले इस बढ़े हुए वेतन को स्वीकार करेगी, उसके बाद फिर से वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भेजेगी। आपको बता दें कि वर्तमान में सबसे कम वेतन यूपी के विधायकों को 95 हजार रुपये मिला है और सबसे ज्यादा तेलंगाना के विधायकों को ढाई लाख रुपये मिलता है।
किस राज्य के विधायक को मिलता है कितना वेतन (भत्ता मिलाकर)
- उत्तराखंड- 1.98 लाख रुपये
- हिमाचल प्रदेश- 1.90 लाख रुपये
- हरियाणा- 1.55 लाख रुपये
- बिहार- 1.30 लाख रुपये
- राजस्थान- 1.42 लाख रुपये
- तेलंगाना- 2.5 लाख रुपये