दिल्ली के मुखमेलपुर गांव स्थित उत्तराखंड कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। शनिवार शाम करीब 5.30 बजे कॉलोनी के तीन बच्चे गांव के पास खेतों में खेल रहे थे। इसी दौरान खेत में पानी निकालने के लिए बनाए गए करीब 8 फीट गहरे गड्ढे के पास खेलते समय दो बच्चे उसमें गिर गए। दोनों बच्चों के गहरे पानी में डूबने के बाद उनके साथ मौजूद तीसरा बच्चा दौड़कर गांव पहुंचा और लोगों को हादसे की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही कॉलोनी और गांव के लोग मौके पर पहुंचे। करीब 8 लोगों ने मिलकर बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक एक बच्चे की मौत हो चुकी थी, जबकि दूसरे बच्चे को भी गंभीर हालत में बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी भी जान नहीं बच सकी। मृतक बच्चों की पहचान आयुष और नीतीश के रूप में हुई है। दोनों की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। दिल्ली में तीन दिन पहले ही बारिश के पानी में डूबने से एक लड़के की मौत हो गई थी। अब दो और बच्चों की मौत हुई है।
खेत का पानी निकालने के लिए बना है गड्ढा
बताया जा रहा है कि खेत से पानी निकालने के लिए यह गहरा गड्ढा खोदा गया है, लेकिन उसके आसपास किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था या घेराबंदी नहीं की गई थी। इसी वजह से खेलते-खेलते दोनों मासूम उसमें गिर गए और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
फायर बिग्रेड के अधिकारी ने क्या बताया?
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार भोरगढ़ अग्निशमन स्टेशन के अंतर्गत मुखमेलपुर के हिरंकी रोड से आपातकालीन सूचना प्राप्त हुई। स्टेशन अधिकारी विजय दहिया की देखरेख में एक दमकल गाड़ी और एक बचाव वाहन को घटनास्थल पर भेजा गया। डीएफएस के अनुसार, जब तक उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंची, तब तक दोनों बच्चों को स्थानीय लोगों ने गड्ढे से बाहर निकाल लिया गया था। बच्चों को केंद्रीय दुर्घटना एवं आघात सेवा (सीएटीएस) की एम्बुलेंस के जरिए राजा हरिश्चंद अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा अधिकारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान आयुष (7), मोती चंद के पुत्र, और नितेश (8) कन्हैया के पुत्र के रूप में हुई। दमकल विभाग को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चे बारिश के पानी से भरे एक गड्ढे में नहा रहे थे तभी वे डूब गए।
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