सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को देखते हुए 12 से 16 मार्च तक होने वाली क्लास 12 की परीक्षा टाल दी है। नई तारीखें बाद में बताई जाएंगी। CBSE 12वीं की परीक्षा 12 मार्च को इंग्लिश इलेक्टिव, इंग्लिश कोर, 13 मार्च को टूरिज्म, एयर कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन, 14 मार्च को होम साइंस, 16 मार्च को हिंदी कोर और इलेक्टिव की होनी थी। इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीबीएसई ने अपने ऑफिशियल हैंडल से एक पोस्ट शेयर कर जानकारी दी है।
CBSE सर्कुलर के अनुसार, मिडिल ईस्ट के इन देशों में CBSE 12वीं की परीक्षा टाल दी गई है-
CBSE ने पहले 11 मार्च तक होने वाली क्लास 12 की परीक्षा टाल दी थी और क्लास 10 की परीक्षा रद्द कर दी थी। यह फैसला US, इज़राइल और ईरान के बीच मिलिट्री लड़ाई के बाद इलाके में बढ़ते तनाव के बीच आया है।
वहीं, 9 मार्च को हुआ CBSE क्लास 12 का मैथ्स पेपर सोशल मीडिया पर QR कोड की वजह से चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे 'रिकरोल' प्रैंक हुआ - यह रिक एस्टली के 1987 के हिट गाने, "नेवर गोना गिव यू अप" का एक पॉपुलर म्यूजिक वीडियो है। हालांकि, इस पर CBSE की तरफ से इस पर बयान सामने आ गया है। सीबीएसई ने कहा, "बोर्ड यह कन्फर्म करता है कि क्वेश्चन पेपर असली हैं। क्वेश्चन पेपर की सिक्योरिटी से कोई समझौता नहीं किया गया है।"
इस संबंध में CBSE ने एक प्रेस रिलीज जारी किया है और उसमें लिखा है, 'क्वेश्चन पेपर्स पर कई सिक्योरिटी फीचर्स दिए गए हैं। इनमें QR कोड भी शामिल हैं, ताकि सिक्योरिटी ब्रीच के शक में क्वेश्चन पेपर असली है या नहीं, यह वेरिफाई किया जा सके। 9 मार्च 2026 को क्लास 12 के लिए मैथ्स का एग्जाम हुआ था। कुछ क्वेश्चन पेपर सेट में ऐसा लगता है कि दिए गए QR कोड में से किसी एक को स्कैन करने पर वह YouTube वीडियो से लिंक हो जाता है। ऐसा लगता है कि इससे परेशान स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स के बीच क्वेश्चन पेपर्स की सच्चाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।'
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