दिल्ली-एनसीआर के डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ बिज़नेस एंड मैनेजमेंट, क्राइस्ट ने 23-24 अप्रैल 2025 को "सस्टेनेबल बिज़नेस प्रैक्टिसेज़ एंड इनोवेटिव मॉडल्स-2025" विषय पर को लेकर ICSSR द्वारा प्रायोजित दूसरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। यह सम्मेलन हाइब्रिड फॉर्मेट में आयोजित किया गया जिसमें दुनिया भर से एक्सपर्ट्स, प्रोफेसर और प्रोफेशनलों ने विकास के लिए इनोवेशन पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस सम्मेलन की शुरुआत डॉ. जीन पौलोस, डीन, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद सम्मेलन संयोजक डॉ. पंकज धौंडियाल ने जानकारी दी कि सम्मेलन के लिए लगभग 600 रिसर्च पेपर हासिल हुए हैं।
22 अप्रैल को भी हुआ था कॉन्फ्रेंस
इससे पहले 22 अप्रैल को भी एक प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप का आयोजन हुआ, जिसमें रिसर्च मेथड्स और सॉफ्टवेयर की मदद से रिसर्च की तकनीक सिखाई गई। इसके साथ ही एक रोचक पैनल चर्चा भी की गई। इस दौरान कई मुख्य वक्ताओं ने विचार भी साझा किए।
इसके बाद 24 अप्रैल को हुई पैनल चर्चा "संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए स्केलेबल इनोवेटिव बिज़नेस मॉडल्स" पर केंद्रित रही। इस चर्चा में शामिल होने वाले प्रमुख पैनलिस्ट प्रो. सलमा अहमद (एएमयू, अलीगढ़), दीपक मल्होत्रा (सीओओ, ग्रासटेक), श्री रजिन्द्र चितोरिया (रामकृष्ण बजाज नेशनल क्वालिटी अवॉर्ड के परीक्षक), डॉ. राहुल अग्रवाल (सीटीओ, फ्रायो टेक्नोलॉजीज) थे।
दिए गए पुरस्कार
वहीं, उद्घाटन सेशन का समापन डॉ. रामजी के धन्यवाद भाषण से हुआ। समापन समारोह में डॉ. प्रतिक्षा और डॉ. कर्तिकेय ने बेस्ट रिसर्च पेपर को पुरस्कार दिए। इस साल का सम्मेलन क्राइस्ट के ग्लोबल सतत विकास लक्ष्यों के मुताबिक टिकाऊ बिजनेस प्रैक्टिस और इनोवेशन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।