महाराष्ट्र में 2 दिसंबर और 20 दिसंबर को 288 शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव होंगे, जिनमें सभी छह प्रशासनिक प्रभागों में 246 नगर परिषदें और 42 नगर पंचायतें शामिल हैं। रिजल्ट 21 दिसंबर को घोषित होगा। Jalgaon जिले में, Nashirabad, Bhadgaon, Bhusaval, Chalisgaon, Chopda, Erandol, Faizpur, Dharangaon, Pachora, Parola, Rawer, Savda, Yawal, Varangaon, Jamner, Amalner नगर परिषदों के साथ-साथ Shendurni, Muktainagar पंचायत में भी चुनाव होंगे। Nashirabad में 20 सीटें हैं, जिनमें से 14 सामान्य, 1 अनुसूचित जाति, 0 अनुसूचित जनजाति और 5 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Bhadgaon में 24 सीटें हैं, जिनमें से 15 सामान्य, 1 अनुसूचित जाति, 2 अनुसूचित जनजाति और 6 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Bhusaval में 50 सीटें हैं, जिनमें से 26 सामान्य, 8 अनुसूचित जाति, 2 अनुसूचित जनजाति और 14 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Chalisgaon में 36 सीटें हैं, जिनमें से 21 सामान्य, 4 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 10 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Chopda में 31 सीटें हैं, जिनमें से 19 सामान्य, 2 अनुसूचित जाति, 2 अनुसूचित जनजाति और 8 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Erandol में 23 सीटें हैं, जिनमें से 15 सामान्य, 1 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 6 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Faizpur में 21 सीटें हैं, जिनमें से 12 सामान्य, 1 अनुसूचित जाति, 2 अनुसूचित जनजाति और 6 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Dharangaon में 23 सीटें हैं, जिनमें से 15 सामान्य, 1 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 6 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Pachora में 28 सीटें हैं, जिनमें से 16 सामान्य, 3 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 8 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Parola में 24 सीटें हैं, जिनमें से 16 सामान्य, 1 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 6 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Rawer में 24 सीटें हैं, जिनमें से 15 सामान्य, 2 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 6 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Savda में 20 सीटें हैं, जिनमें से 12 सामान्य, 2 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 5 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Shendurni में 17 सीटें हैं, जिनमें से 10 सामान्य, 1 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 5 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Muktainagar में 17 सीटें हैं, जिनमें से 9 सामान्य, 2 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 5 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Yawal में 23 सीटें हैं, जिनमें से 13 सामान्य, 2 अनुसूचित जाति, 2 अनुसूचित जनजाति और 6 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Varangaon में 21 सीटें हैं, जिनमें से 12 सामान्य, 3 अनुसूचित जाति, 0 अनुसूचित जनजाति और 6 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Jamner में 26 सीटें हैं, जिनमें से 16 सामान्य, 2 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति और 7 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं। Amalner में 36 सीटें हैं, जिनमें से 21 सामान्य, 3 अनुसूचित जाति, 2 अनुसूचित जनजाति और 10 पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हैं।
भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के मेयर चुनाव से पहले बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है। बीजेपी ने नारायण चौधरी के नाम पर मुहर लगाई थी, लेकिन अब पार्टी ने अपने पुराने फैसले को पलट दिया है।
बीएमसी चुनाव के बाद अब मेयर पद के लिए आखिरी कवायद तेज हो गई है। बीजेपी कल मेयर पद के लिए प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर देगी। वहीं 11 फरवरी को मेयर पद के लिए आधिकारिक तौर पर चुनाव होगा।
बीएमसी चुनाव के बाद अब मेयर बनाने को लेकर कवायद तेज हो गई है। इस बीच बीजेपी गुट का नेता चुन लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक गणेश खनकर को बीजेपी दल का नेता चुना गया है।
भिवंडी महापौर चुनाव से पहले सपा के 6 पार्षदों के अचानक नॉट रीचेबल होने से कांग्रेस की अपना मेयर बनाने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। इस बीच बीजेपी समेत अन्य दल मेयर चुनाव के लिए गुट बनाकर अपनी रणनीतियों को अमली जामा पहनाने में जुट गए हैं।
महाराष्ट्र में कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को बस से अगवा करने की कोशिश का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकाबपोश लोगों ने घटना को अंजाम देने की कोशिश की और इसमें एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है।
भिवंडी में चुनाव के बाद तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। यहां भाजपा विधायक के समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व महापौर के घर पर पथराव किया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
महाराष्ट्र में सभी 29 महानगरपालिका के चुनाव संपन्न हो गए हैं। हालांकि सभी की निगाहें देश की सबसे अमीर नगर पालिका बीएमसी पर टिकी हुई है। बीएमसी में अभी भी मेयर नहीं चुना जा सका है। ऐसे में अब मेयर का चुनाव होने से पहले ही मुंबई में होटल पॉलिटिक्स शुरू हो गई है।
संभाजीनगर में मिली भारी जीत के बाद एआईएमआईएम ने जश्न भी मनाया। हालांकि इस जश्न के दौरान एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने विवादित नारेबाजी की। इसका वीडियो भी सामने आया है।
बीएमसी चुनावों में हार के बाद शिवसेना यूबीटी की तरफ से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवसेना यूबीटी ने साफ कहा है कि मराठी समुदाय को जब तक उसका वह सम्मान वापस नहीं मिल जाता, जिसका वो हकदार है, तब तक ये लड़ाई जारी रहेगी।
नगर निगम चुनावों में करारी हार के बाद राज ठाकरे ने पहला बयान जारी किया है। उन्होंने MNS के कमजोर प्रदर्शन को स्वीकारते हुए कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और कहा कि पार्टी मराठी मानुष, भाषा और अस्मिता की लड़ाई जारी रखेगी।