मुंबई: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की तरफ से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। इस प्रतिक्रिया में उन्होंने संकेत दिया है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और तब तक जारी रहेगी जब तक मराठी समुदाय को वह सम्मान नहीं मिल जाता जिसका वह हकदार है।
शिवसेना (UBT) ने X पर पोस्ट में कहा, "यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। यह तब तक ऐसे ही जारी रहेगी जब तक मराठी व्यक्ति को वह सम्मान नहीं मिल जाता जिसका वह हकदार है!"
BMC चुनाव के क्या रहे नतीजे?
BMC चुनावों में बीजेपी-शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) गठबंधन को बड़ी जीत हासिल हुई, वहीं शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) गठबंधन पिछड़ गया। चुनाव आयोग और BMC द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, BJP ने 89 सीटें जीतीं, जिसमें उसे 11,79,273 वोट मिले, जो कुल डाले गए वोटों का 21.58 प्रतिशत है। सभी जीतने वाले उम्मीदवारों में, BJP का वोट शेयर 45.22 प्रतिशत रहा, जिससे यह नगर निकाय में सबसे बड़ी पार्टी बन गई। इसके गठबंधन सहयोगी, शिव सेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने 29 सीटें हासिल कीं और 2,73,326 वोट मिले, जो कुल वोट शेयर का 5.00 प्रतिशत है। कुल मिलाकर, बीजेपी-शिव सेना (शिंदे) गठबंधन BMC में सबसे बड़े ब्लॉक के तौर पर उभरा।
वहीं दूसरी तरफ, MNS के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही शिवसेना (UBT) ने 65 सीटें जीतीं। UBT के नेतृत्व वाली शिवसेना को 7,17,736 वोट मिले, जो कुल डाले गए वोटों का 13.13 प्रतिशत था। MNS ने गठबंधन के खाते में 6 सीटें जोड़ीं, उसे 74,946 वोट और 1.37 प्रतिशत वोट शेयर मिला।
इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) ने 24 सीटें हासिल कीं, उसे 2,42,646 वोट मिले, जो कुल वोट शेयर का 4.44 प्रतिशत है।
AIMIM ने भी किया शानदार प्रदर्शन
दूसरी पार्टियों में, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने 68,072 वोटों के साथ 8 सीटें जीतीं, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) को 3 सीटें मिलीं, समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें जीतीं, और NCP (शरदचंद्र पवार) ने 1 सीट जीती।


