बीएमसी में मेयर पद के लिए उम्मीदवार के नाम की घोषणा BJP की ओर से कल की जा सकती है। जानकारी के मुताबिक कल सुबह 9 बजे म्युनिसिपल हेडक्वार्टर में BJP पार्षदों की मीटिंग होनी है। यहां म्युनिसिपल मीटिंग में मेयर के चुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी के नाम की घोषणा की जा सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुंबई BJP प्रेसिडेंट अमित साटम के द्वारा BJP की पहली महिला मेयर के नाम की घोषणा करने की संभावना है। घोषणा के बाद, मेयर कैंडिडेट समेत सभी कॉर्पोरेटर्स सुबह 10 बजे अपनी एप्लीकेशन फाइल करेंगे, जबकि मेयर को लेकर आधिकारिक चुनाव 11 फरवरी को 12 बजे बीएमसी दफ्तर में होगा।
11 फरवरी को मिलेगा मुंबई का नया मेयर
बता दें कि बीएमसी के चुनाव के लगभग एक महीने बाद, 11 फरवरी को मुंबई को नया मेयर मिलेगा। यह पद सामान्य वर्ग की महिला पार्षद के लिए आरक्षित किया गया है। जानकारी के मुताबिक पात्र उम्मीदवार सात फरवरी को इस पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं, जबकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 11 फरवरी है और उसी दिन दोपहर 12 बजे मुंबई के 78वें महापौर के लिए चुनाव होंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 15 जनवरी को हुए चुनावों में चुने गए सभी 227 पार्षदों की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
BJP ने जीती सबसे ज्यादा सीटें
बता दें कि हाल ही में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने बीएमसी चुनावों में बहुमत हासिल कर लिया था। इसके बाद अब मेयर चुने जाने को लेकर पहल की जा रही है। बीएमसी की 227 वार्डों में भाजपा 89 सीटों पर अकेले जीत हासिल करते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। ऐसे में अब यह भी माना जा रहा है कि गणेश खनकर ही बीएमसी के मेयर बन सकते हैं।
बीएमसी चुनाव के नतीजे
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और बीएमसी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने बीएमसी चुनाव में 89 सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी ने चुनाव में 11,79,273 वोट प्राप्त किए, जो कुल डाले गए वोटों का 21.58 प्रतिशत है। विजयी उम्मीदवारों में भाजपा का वोट शेयर 45.22 प्रतिशत रहा, जिससे यह नगर निकाय में सबसे बड़ी पार्टी बन गई। इसके सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने 29 सीटें जीतीं और 2,73,326 वोट प्राप्त किए, जो कुल वोट शेयर का 5.00 प्रतिशत है। भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन बीएमसी में सबसे बड़ा गठबंधन बनकर उभरा।
चुनाव में विपक्ष का हाल
दूसरी ओर, एमएनएस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें जीतीं। यूबीटी के नेतृत्व वाली शिवसेना को 7,17,736 वोट मिले, जो कुल डाले गए वोटों का 13.13 प्रतिशत है। एमएनएस ने 74,946 वोट हासिल करके गठबंधन में 6 सीटें जोड़ीं, जो कुल वोटों का 1.37 प्रतिशत है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 2,42,646 वोट प्राप्त करके 24 सीटें जीतीं, जो कुल वोटों का 4.44 प्रतिशत है।
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