Saturday, January 31, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. आखिर कहां गायब हो गए सपा के 6 पार्षद? भिवंडी में कांग्रेस के मेयर बनाने के सपने को झटका

आखिर कहां गायब हो गए सपा के 6 पार्षद? भिवंडी में कांग्रेस के मेयर बनाने के सपने को झटका

भिवंडी महापौर चुनाव से पहले सपा के 6 पार्षदों के अचानक नॉट रीचेबल होने से कांग्रेस की अपना मेयर बनाने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। इस बीच बीजेपी समेत अन्य दल मेयर चुनाव के लिए गुट बनाकर अपनी रणनीतियों को अमली जामा पहनाने में जुट गए हैं।

Reported By : Sachin Chaudhary Edited By : Vineet Kumar Singh Published : Jan 31, 2026 09:25 am IST, Updated : Jan 31, 2026 09:25 am IST
Bhiwandi mayor election, Samajwadi Party councillors missing, Congress mayor plan setback- India TV Hindi
Image Source : PTI FILE समाजवादी पार्टी के पार्षदों के गायब होने से कांग्रेस की उम्मीदों को झटका लगा है।

भिवंडी: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका में महापौर का चुनाव अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक पार्टियां गुट बनाकर अपनी रणनीति बनाने में जुट गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के 6 पार्षद अचानक नॉट रीचेबल हो गए हैं, जिससे कांग्रेस की अपना मेयर बनाने की कोशिशों पर पानी फिर सकता है। कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP SP) और सपा के साथ मिलकर 'भिवंडी सेक्युलर फ्रंट' बनाया था, लेकिन अब सपा पार्षदों के गायब होने से यह गठबंधन कमजोर पड़ता दिख रहा है।

बहुमत के लिए चाहिए 45 पार्षदों का समर्थन

बता दें कि भिवंडी महानगरपालिका में कुल 90 सीटें हैं और बहुमत के लिए 45 पार्षदों का समर्थन चाहिए। चुनाव में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 30 पार्षद जीते, उसके बाद बीजेपी के 22, शिंदे गुट की शिवसेना के 12, एनसीपी के 12, सपा के 6, कोणार्क विकास आघाड़ी के 4, भिवंडी विकास मंच के 3 और एक निर्दलीय पार्षद चुने गए। सभी पार्टियों ने कोंकण विभागीय आयुक्त कार्यालय में अपने गुट रजिस्टर कर लिए हैं और अब महापौर पद के लिए जोर-आजमाइश चल रही है। शिवसेना, बीजेपी, सपा, कोणार्क विकास आघाड़ी और भिवंडी विकास मंच भी साम-दाम-दंड की राजनीति अपनाकर इस पद पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं।

बहुमत के आंकड़े से दूर रह सकती है कांग्रेस

कांग्रेस की योजना सपा विधायक रईस शेख के दम पर NCP की मदद से भिवंडी का महापौर बनाने की थी। विधायक शेख ने महानगर पालिका चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों का जोरदार प्रचार किया, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला। लेकिन टिकट बंटवारे से नाराज विधायक शेख की बेरुखी से सपा सिर्फ 6 पार्षदों पर सिमट गई। कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और सपा ने मिलकर 'भिवंडी सेक्युलर फ्रंट' बनाया था, जिसमें कांग्रेस के 30, एनसीपी एसपी के 12 और सपा के 6 पार्षद शामिल थे। कुल 48 पार्षदों वाले इस फ्रंट से कांग्रेस को बहुमत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अब सपा के 6 पार्षद नॉट रीचेबल होने से कांग्रेस 45 के बहुमत से दूर रह सकती है।

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement