
कहां दर्ज कराएं शिकायत-
1. यदि सामान की लागत 20 लाख रुपए से कम है तो जिला मंच में शिकायत कर सकते है।
2. यदि सामान की लागत 20 लाख रुपए से अधिक है लेकिन 1 करोड़ रुपए से कम है तो राज्य आयोग में जा सकते है।
3. यदि सामान की लागत 1 करोड़ रुपए से अधिक है के लिए शिकायत राष्ट्रीय आयोग में होगी। कंज्यूमर अपनी शिकायत उस जिले के कोर्ट में कर सकता है, जिसमें विक्रेता का ऑफिस, दुकान, शोरूम आदि हो। कंज्यूमर अपने हिसाब से आसपास की अदालत नहीं चुन सकता।
हर कंस्युमर फोरम में एक फाइलिंग काउंटर होता है, जहां सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक शिकायत दाखिल की जा सकती है।
फीस-
1. एक लाख रुपए तक के मामले के लिए – 100 रुपए
2. एक लाख से 5 लाख रुपए तक के मामले के लिए – 200 रुपए
3. 10 लाख रुपए तक के मामले के लिए – 400 रुपए
4. 20 लाख रुपए तक के मामले के लिए – 500 रुपए
5. 50 लाख रुपए तक के मामले के लिए – 2000 रुपए
6. एक करोड़ रुपए तक के मामले के लिए – 4000 रुपए
कोर्ट का आदेश पालन न करने पर
विपक्ष अगर कोर्ट का आदेश पालन न करे तो उसे शिकायतकर्ता को दस हज़ार रुपए की पेनल्टी और तीन साल तक की सज़ा दी जा सकती है। सज़ा भुगतने के बाद भी आदेश का पालन करना बाकी रहता है तो जरूरत के मुताबिक आदेश का पालन करवाने के लिए प्रॉपर्टी भी जब्त की जा सकती है।