नई दिल्ली: अक्षय कुमार को अपनी आने वाली फिल्म ‘गब्बर इज बैक’ से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि वह पहली बार गब्बर का रोल करने जा रहे हैं। यह रोल 1975 में आई शोले से बिल्कुल अलग है। यह फिल्म करप्शन पर निर्धारित है। अक्षय ने बताया कि यह फिल्म समाज पर तो प्रभाव डालेगी साथ ही लोगों के सोचने के नज़रिए को भी बदलेगी।
अक्षय के अनुसार फिल्में समाज पर काफी प्रभाव डालती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म 'ओह माइ गॉड' देखने के बाद लोगों ने मंदिरों में भगवान की मूर्तियों पर दूध और पैसे चढ़ाना बंद कर दिया है। अक्षय का मानना है कि उनकी यह फिल्म लोगों के दिलों में एक ख़ास जगह बनाएगी।
फिल्म के बारे में बताते हुए अक्षय ने कहा कि जहां 1975 मे आई 'शोले' में गब्बर लोगों पर ज़ुल्म करता था वहीं इसके रिमेक में गब्बर हीरो बनकर देश में करप्शन के खिलाफ गुंडाराज से लड़ता है।
रियल लाइफ में गब्बर की तुलना कानून से करते हुए अक्षय कहते हैं कि असल जिंदगी में भी गब्बर या कानून का ऐसा प्रभाव होना चाहिए की लोग उनसे डरें।
बरहाल, अक्षय की यह फिल्म दर्शकों की कसौटी पर कितनी खरी उतरती है और दर्शकों के दिल में गब्बर की छाप छोड़ पाती है या नहीं यह तो रीलीज़ के बाद ही पता चलेगा।