मधुबनी: बिहार के मधुबनी से एक मौलाना को गिरफ्तार किया गया है। आरोप हैं कि वह पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और गूगल मीट के जरिए उससे मीटिंग करता था। जानकारी ये भी मिली है कि वह हर 3 महीने में बिहार से बाहर जाता था।
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क्या है पूरा मामला?
बिहार एटीएस और मध्यप्रदेश एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध गिरफ्तार किया गया है। आतंकवाद निरोधक दस्ता द्वारा मध्य प्रदेश एटीएसके साथ राष्ट्रविरोधी एवं कट्टरपंथी गतिविधियों से संबंधित प्राप्त सूचना के आधार पर संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति इजहारुल हक को गिरफ्तार किया गया है। उसकी उम्र 56 साल है।
उसका मूल निवास ग्राम नौ टोल सरिसवपाही, थाना पंडौल, जिला मधुबनी के रूप में सामने आया है। वर्तमान में वह उर्दू मोहल्ला, राघोनगर स्थित मदरसा नूरे मोहम्मदिया, थाना नगर, जिला मधुबनी में निवास कर रहा था।
प्रारंभिक जांच एवं उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों में अभियुक्त के कथित रूप से एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में होने की बात सामने आई है।
संयुक्त छापामारी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से 2 एंड्रॉयड मोबाइल फोन (Redmi Note 5 एवं OPPO) बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइल फोन एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। भोपाल एटीएस ने आरोपी को मधुबनी कोर्ट में पेश किया और ट्रांजिट रिमांड में लेकर भोपाल के लिए रवाना हो गई।
पुलिस सूत्रों से क्या जानकारी मिली?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इज़हारुल हक ने दारुल उलेमा देवबंद उत्तर प्रदेश से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वो एक ईमाम मेहंदी नामक व्यक्ति के संपर्क में चला गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इज़हारुल हक गूगल मीट के जरिए अपने आका के साथ मीटिंग करता था और इसके साथ ही वो कई बार कर्नाटक और मुंबई मिलने भी गया।
इजहारुल हक हर 3 महीने पर बिहार से बाहर जाता था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसने पटना से पासपोर्ट भी बनवाया था। ये मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे को कट्टर बनाने का भी काम करता था। मदरसे के बारे में बताया जाता है इसकी फंडिंग विदेश से की जाती थी।
इस मामले में व्यवहार न्यायालय मधुबनी के वकील प्रकाश मणि झा का बयान सामने आया है। (रिपोर्ट- मधुबनी से राघव मिश्रा)