मुम्बई: हिट एण्ड रन केस में बुधवार को सेशन कोर्ट द्वारा बालिवुड सुपरस्टार सलमान ख़ान को पांच साल की सज़ा सुनाने के कुछ घंटे बाद ही उन्हें बेल (ज़मानत) मिल जाना क्या आम आदमी के लिए भी संभव हो सकता था....?
शायद एक आम आदमी का जवाब न में ही हो क्योंकि सलमान ख़ान जैसे कद्दावर शख़्सियत के लिए इस देश में कुछ भी असंभव नहीं है।
लेकिन वरिष्ठ वकील मजीद मेमन का कहना है कि सलमान को बेल क़ायदे क़ानून के तहत ही मिली है और इसमें उनके सुपरस्टार के दर्जे का कोई लेना देना नही है।
मेमन के अनुसार सलमान की वकीलों की टीम ने पहले से कागज़ी तैयार कर रखे थे और छह दिन पहले ही टीम में जानेमाने वकील हरीश साल्वे को बी शामिल किया गया था।
सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता हरीश साल्वे के नेतृत्व में सलमान खान के बचाव दल ने बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ए.एम.थिप्से के समक्ष मामले को रखा।
साल्वे ने चिकित्सा आधार पर जमानत की मांग की और यह दलील भी दी कि आदेश के संक्षिप्त आदेश के आधार पर किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि वे निचली अदालत के आदेश की एक कॉपी का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद न्यायाधीश थिप्से ने कहा कि वह पहले से ही जमानत पर बाहर हैं और उन्हें फैसले की कॉपी नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें दो दिनों के लिए आठ मई तक अंतरिम जमानत दे दी गई।
शुक्रवार बंबई उच्च न्यायालय का अंतिम कार्यदिवस होगा, क्योंकि इसके बाद अदालतों में गर्मी की छुट्टियां हो रही हैं, जिसके बाद वह अगले महीने सात जून को फिर से खुलेंगी।
सलमान बांद्रा हिट ऐंड रन मामले में पिछले 13 वर्षों से अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। 28 सितंबर 2002 को उनकी एसयूवी कार ने फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचल दिया था। इस घटना में एक की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हो गए थे। इस मामले में सलमान मुख्य आरोपी हैं और इसी संदर्भ में मुंबई की सत्र अदालत बुधवार को अपना फैसला सुनाया है।