नई दिल्ली: कल सुनाए गए हिट एंड रन मामले में सलमान खान को पांच साल की सज़ा मिली हालांकि शाम होते-होते उन्हें दो दिन की राहत भी मिल गई लेकिन सवाल ये पूछा जा रहा है कि क्या सलमान ख़ान सुपरस्टार होने की क़ीमत अदा कर रहे हैं।
दरअसल ये पहला मामला नहीं है जिसमें कोई बॉलीवुड स्टार शामिल है पर सलमान ज़रूर पहले फिल्मस्टार बन गए है जिसे ऐसे मामले में सज़ा सुनाई गई है।
अगर इतिहास पर ध्यान दें तो सुपरस्टार राजकूमार के बेटे पुरु राजकुमार बिल्कुल ऐसे ही केस में फंसे थे। 1993 में नशे की हालत में पुरु ने अपनी गाड़ी मुंबई के फुटपाथ पर सो रहे लोगों पर चढ़ा दी थी जिसमें तीन लोंगों की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हो गए थे।
पुरू और सलमान के केस में फर्क बस इतना है कि पूरु 1 लाख रूपये देकर सजा से बच निकले लेकिन सलमान पीड़ितों को लाखों रूपयों का मुआवज़ा देने के बाद भी कोर्ट के चक्कर कांटते रहे और आखिर में उन्हें सज़ा सुना ही दी गई।
ऐसा क्यों ? क्या सलमान खान एक बड़ा बॉलीवुड सितारा होने की कीमत चुका रहे है जिसको सज़ा देकर मीडिया की सुर्ख़ियों की वजह से कानून अपनी निष्पक्षता साबित कर रहा है?
पुरू ने 1996 में फिल्म बाल ब्रहमाचारी से बॉलिवुड में अपना पहला कदम रखा था, तब तक उनके मामले को तीन साल भी हो गए थे। पुरु ने एल ओ सी कारगिल, मिशन कश्मीर, उमराव राव जैसी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिका निभाई है।
पुरु सबसे ज्यादा फिल्म हमारा दिल आपके पास है में निगेटिव किरदार के लिए जाने जाते है।
सलमान खान की फिल्म 'वीर' में भी वो काम कर चुके है। लेकिन दूर-दूर तक पुरु ने वो सफलता नहीं प्राप्त की जो सलमान खान ने अपने पूरे करियर में हासिल की है।
सलमान खान का शुमार आज के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में होता है या यूं कहे कि लोकप्रियता के मामले में वो किसी भी बॉलीवुड स्टार से ऊपर है।
इसकी वजह सिर्फ बड़े पर्दे पर आकर अपने ही अंदाज़ में गुंडों की धुलाई करना नहीं है बल्कि असल जिंदगी में समाज में जरूरतमंदों की मदद और सेवा कर दुआएं पाना भी है। उनका एन जी ओ 'बिइंग ह्यूमन' इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
लेकिन यही लोकप्रियता शायद उनको जेल पहुंचाने की बड़ी वजह भी है।
कानून सबके लिए एक है, ये हम सब जानते है लेकिन हाई प्रोफाईल मामले में ये ज्यादा जरूरी हो जाता है कि गुनहगार को सज़ा मिले क्योंकि यहां समाज को भी संदेश देना जरूरी है।
संजय दत्त के जरिए भी कानून का ये संदेश दो साल पहले दिया जा चुकै है।