Mumbai Drugs Case LIVE: बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ड्रग्स केस में मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं। आज आर्यन खान की जमानत पर आज मुंबई के सेशंस कोर्ट में सुनवाई की गई, समय की कमी के कारण आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। यह सुनवाई अब कल दोपहर 12 की जाएगी। मशहूर वकील सतीश मानशिंदे और वकील अमित देसाई आर्यन का केस लड़ रहे हैं। अमित देसाई ने साल 2002 में सलमान खान को हिट एंड रन केस में सलमान खान का केस लड़ा था।
देखिए इस केस से जुड़ी पल-पल की अपडेट-
आर्यन खान ड्रग्स पार्टी मामला; किरण गोसावी के खिलाफ लुक आउट नोटिस
अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान पर क्रूज़ पर हुई ड्रग्स पार्टी मामले में कार्रवाई के समय मौजूद किरण गोसावी के खिलाफ पुणे पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी की है। पुलिस की यह कार्रवाई किरण गोसावी पर पुणे के फरासखाना पुलिस थाने में वर्ष 2018 में दर्ज एक धोखाधड़ी के मामले की गयी है।
गोसावी ने सोशल नेटवर्किंग साइट के माध्यम से मलेशिया में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से 3 लाख रुपये ठग लिए थे। इस मामले 29 मई, 2018 को उसके खिलाफ शिकायत दर्ज़ की गयी थी।
मामला दर्ज़ होने के बाद से आरोपी गोसावी फरार चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने पुणे न्यायालय में आरोप पत्र भी दायर किया है, जिसमे उसके न मिलने पर फरार घोषित कर दिया गया था।
आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई कल तक टली
आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई कल दोपहल 12 तक टाल दी गई है।
विदेशी व्यक्ति से था आर्यन खान का संपर्क: एनसीबी
आर्यन खास की जमानत याचिका के पर सुवाई के दौरान एनसीबी की तरफ से एएसजी अनिल सिंह ने अपनी दलील में कहा, "ऐसे सबूत हैं जिससे पता चलता है कि आर्यन विदेश में रहने वाले एक व्यक्ति से ड्रग्स को लेकर संपर्क में था।"
एनसीबी ने अपनी दलील में आर्यन खान को बताया लार्ज क्वांटिटी हार्ड ड्रग्स में लिप्त
एएसजी अनिल सिंह ने अपनी दलील में अदालत से कहा, "आप (जज) व्हैट्सएप चैट देखिए। चैट का वो पोर्शन जहां विदेशी नागरिक से बातचित है, आर्यन और विदेशी पेडलर्स की बातचित है। जिसमें लार्ज क्वांटिटी हार्ड ड्रग्स के बारे में बात हो रही है और पैसे के लेनदेन की बात हो रही है। तब यह सिर्फ कंजमशन के लिए नहीं हो सकता है, इसकी जांच होना बहुत जरुरी है।"
सेशंस कोर्ट में एनसीबी के वकील की पैरवी
एनसीबी की तरफ से अपना पक्ष रखते हुए एएसजी अनिल सिंह का तर्क है कि यह विश्वास करना मुश्किल है कि आर्यन खान पार्टी में केवल इसलिए मौजूद थे क्योंकि उन्हें आमंत्रित किया गया था। उनका कहना है कि मामले की जड़ तक जाना जरूरी है क्योंकि एक आरोपी (अरबाज) के पास से ड्रग्स बरामद किया गया था।
वह आगे बताते हैं कि साजिश थी इसलिए एनडीपीएस की धारा 29 लागू की गई। व्हाट्सएप चैट्स में 'बल्क नंबर' का जिक्र था। कोई भी सिर्फ अपने लिए बड़ी मात्रा में ऑर्डर नहीं करेगा।
अपनी दलील में एएसजी अनिल सिंह ने कहा, "किसी भी साजीश में यह जरूरी नहीं हैं कि ड्रग्स बड़ी मात्रा में ही मिले. मान लिजिए की अगर 10 लोगों को पता हैं कि क्या हो रहा हैं तो वो भी साजीश है।"
मुनमुन धमेचा के वकील अली कासिफ, "मैं (मुनमुन) आर्यन को भी नहीं जानती। मुझे उस पार्टी में बलदेव नाम के व्यक्ति ने आमंत्रित किया था। उसके खिलाफ कोई मामला नहीं बनाया गया है। मुझे आर्यन और अरबाज की गिरफ्तारी को सही ठहराने के लिए गिरफ्तार किया गया था । पंचनामा में कहा गया है कि एक टेबल से ड्रग्स बरामद किया गया था। उस दौरान उस कमरे में दो और लोग मौजूद थे, फिर भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था।''
तारक सईद ने अरबाज मर्चेंट के लिए की पैरवी
वकील तारक सईद ने अरबाज मर्चेंट के लिए बहस शुरू की। उनका दावा है कि पूरा मामला मोबाइल फोन और पंचनामा पर आधारित है। गिरफ्तारी धारा 27ए के अधीन, इससे ज्यादा कुछ नहीं।
एनसीबी को किसके पास से कितने ग्राम ड्रग्स मिला
'क्रूज' ड्रग्स कांड में आर्यन खान को आरोपी नंबर 1 बताया जा रहा, जबकि उनके पास से कोई ड्रग्स नहीं मिला। अरबाज मर्चेंट के पास 6 ग्राम चरस, मुनमुन धमीचा के 5 ग्राम हशीश, अब्दुल कादर के पास से 2.5 ग्राम एक्सटेसी पिल्स और 54.3 ग्राम मेफेड्रोन, अचित कुमार के पास से 2.6 ग्राम गांजा और शिवराज हरिजन के पास से 62 ग्राम चरस पाया गया है।
एनसीपी चीफ शरद पवार ने लगाया गलत राजनीति करने का इल्जाम
आर्यन खान की बेल पर सुनवाई से पहले एनसीपी चीफ शरद पवार ने बड़ी बात कही है। पवार ने कहा कि केंद्र सरकार सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी और एनसीबी जैसी संस्थाओं का राजनीति के लिए गलत इस्तेमाल कर रही है। पवार ने एनसीबी का भी नाम लिया। एनसीबी ने ही क्रूज पर रेड मारकर आर्यन खान को गिरफ्तार किया था।
अमित देसाई ने 27ए को लेकर दी अपनी दलील
अमित देसाई में आर्यन खान की तरफ से पैरवी करते हुए कहा कि जब आर्यन को डिटेन किया गया तब उसका मोबाइल फोन जप्त किया गया। जिस दिन उसे गिरफ्तार किया गया तब उसे 27A में अरेस्ट क्यों नहीं किया गया क्योंकि, 27 A illicit drugs trafficking के तहत आता है। आज तक उन्होंने ये सेक्शन नहीं लगाया है। तब कैसे कह सकते है कि ये illicit drugs trafficking है।
अपनी दलली में अमित देसाई ने कहा, "जज साहब आप जब सभी के आर्ग्युमेंट्स सुनेंगे तब ये बात जरुर याद रखिएगा की आज तक आर्यन के खिलाफ 27A नहीं लगाया गया है मतलब ये illicit drugs trafficking में नहीं है। एनसीबी सिर्फ यही कह रही है की वो अन्य आरोपीयों से कनेक्टेड है।
आर्यन को गिरफ्तार करते वक्त जो अरेस्ट मोमो दिया गया था उसे अमित देसाई पढ़ते हुए कहा कि आर्यन खान को 20B, 27 के तहत गिरफ्तार किया है, 20B क्या है - ड्रग्स सेल, पर्चेस, पजेशन इसमें से कुछ भी नहीं मिला है।
अमित देसाई ने एससीबी के दावे को किया खारिज
अमित देसाई ने कहा कि इस लड़के(आर्यन) के पास से कुछ नहीं मिला है, वो क्रुज पर भी नही था। फिर भी आप कह रहें है कि वो illicit international traffcking से कनेक्टेड हैं। Illicit drugs trafficking में सेल, परचेज, ट्रांसपोर्ट, कोको प्लांट की खेती करना और अन्य चीजें आती है। मेरे क्लायंट को लेकर इसमें ये सब कहां हैं?
अपनी पैरवी में अमित देसाई ने बताया कि NCB ने रिप्लाई फाइल किया है उसका जिस्ट सिर्फ इतना ही है कि सभी आरोपी एकदूसरे से कनेक्टेड हैं। एनसीबी का मानना है कि आर्यन इंटरनैशनल ड्रग्स ट्रैफिकिंग से जुड़ा हुआ है।
आर्यन-अरबाज एक दूसरे को जानते हैं इससे हम इनकार नहीं करते हैं। आर्यन को नहीं पता ये किसे अरेस्ट कर रहे हैं। कल ये किसी को भी अरेस्ट करेंगे और इस केस से जोड़ देंगे।
अमित देसाई कहते हैं कि वेल ड्राफ्टेड डॉक्युमेंट्स एनसीबी ने तैयार किया है जिसे पढ़ने के बाद ऐसा प्रतित होता है की आर्यन इन सभी आरोपीयों से जुड़ा है। मगर हमें हमें बेसिक फैक्ट्स को देखने की जरुरत है।
'Illicit international drugs trafficking', ये बहुत ही डरावना शब्द है और ये सब आर्यन पर डाल दिया गया है। इस शब्द को इतने कैज्युअली नहीं इस्तमाल कर सकते हैं। ये शब्द कानून में इस्तमाल होना वाला शब्द है।
(इनपुट-दिनेश)
बेल आने में लग सकता है समय
अभी बचाव पक्ष के वकील सेशंस कोर्ट में जिरह कर रहे हैं जिसके बाद सरकारी पक्ष अपनी बात रखेंगे। इसमे ऐसा लगता नही की आज सत्र न्यायालय के कोर्ट आर्डर की कॉपी आर्थर रोड जेल के बाहर गेट पर लगे बेल आर्डर बॉक्स में आ पाएगी। इस बॉक्स में 5 बजे तक बेल ऑर्डर कॉपी आना जरूरी है।
अमित देसाई ने दलील - जब आर्यन के पास पैसे नहीं थे तो आर्यन ने कैसे खरीदे ड्रग्स
अमित देसाई ने पैरवी में कहा कि पहली रिमांड याचिका में एनसीबी ने कहा था कि पंचनामा में आर्यन और अरबाज में साथ थे। मुनमुन को हम नहीं जानते हैं। क्यों उसे गिरफ्तार किया गया ये हमें नहीं मालूम लेकिन जब अरेस्ट की बात आयी तब एनसीबी ने तीनों को अरेस्ट दिखाया गया। जो रिकवरी मे दिखाया गया हैं उसके हिसाब से आर्यन के पास जब पैसे नहीं थे तब वह (आर्यन) कैसे ड्रग्स खरीदेगा।
अमित देसाई ने आर्यन को बताया निर्दोष
अमित देसाई ने अपनी पैरवी में कहा कि 2 अक्टूबर को दोपहर को मेरे क्लायंट यहां पहुंचे। उन्हे इस पार्टी का न्योता दिया गया था। आर्यन अपने दोस्त अरबाज के साथ वहां पहुंचे थे। जैसे ही वह सुरक्षा जांच के लिए पहुंचे तब उन्हें एनसीबी के अधिकारीयों ने रोका और पंचनामा किया।
अमित देसाई ने बताया कि एनसीबी का दावा हैं कि आर्यन ने कबूल किया है कि चरस पिता है, लेकिन आप(जज) जानते है ऐसे बयान कैसे लिए जाते हैं।
आर्यन की तरफ से वकील अमित देसाई बहस कर रहे हैं। वकील अमित देसाई ने कहा- आर्यन को क्रूज पर पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया गया था।
आर्यन खान की जमानत पर सुनवाई चल रही है।
आरोपी नंबर 1 आर्यन खान के रोल के बारे में एनसीबी ने अपने जवाब में विस्तार से बताया है, ये रहे एनसीबी के जवाब के प्वाइंट्स-
1) अरबाज से आर्यन ड्रग्स खरीदता था
2) जांच के दौरान अब तक जो सबूत हाथ लगे है उसके मुताबिक, आर्यन ड्रग्स की खरीदारी और वितरण में लिप्त था।
3) आरोपी नंबर 17 अचित कुमार और आरोपी नंबर 19 शिवराज हरिजन ही आर्यन और अरबाज को ड्रग्स मुहैय्या कराते थे।
4) आर्यन और अरबाज एक दूसरे के साथ घूमते थे.. और ये NDPS की धारा 29 को लागू करने के लिए ये पर्याप्त है।
5) जांच के मुताबिक आर्यन और अरबाज ने साथ सफर किया इससे यह स्पष्ट है कि, वो दोनो कॉमन इंटेशन के तहत क्रूज पर गए थे
6) भले ही कुछ आरोपियों के पास से ड्रग्स बरामद ना हुआ हो या बहुत कम ड्रग्स मिला हो लेकिन अपराध की साजिश में इन आरोपियों की भागदारी जांच का आधार बनाती है।
अचित कुमार को आर्यन का डायरेक्ट ड्रग सप्लायर भी बताया गया है। अचित को 2.6 ग्राम गांजे के साथ गिरफ़्तार किया गया है।
एनसीबी के जवाब में आर्यन के बारे मे भी जिक्र है। आर्यन पर आरोप है कि वो अरबाज़ और उसके सोर्सेज से ड्रग्स लेते थे। आर्यन को आरोपी नंबर 1 बताया गया है।
एनसीबी ने जवाब में बताया है कि आरोपी नंबर 1 विदेशों में कुछ ऐसे व्यक्तियों के संपर्क में था जो ड्रग्स की अवैध खरीद के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होते हैं। इस संबंध में जांच जारी है।
अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी नंबर 1 के सप्लायर को 2.6 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया है।
रिपोर्ट- दिनेश
मुनमुन की जमानत याचिका पर एनसीबी ने दिया जवाब- स्माल अमाउंट की बरामदगी नहीं होने पर भी आरोपी साजिश में शामिल हैं। आर्यन खान पर प्रतिबंधित पदार्थ की खरीद के लिए इस्तेमाल होने का आरोप लगाया गया था। विदेशों में लेनदेन से संबंधित मामले की जांच की जानी चाहिए और एनसीबी जांच कर रही है।
NCB ने जमानत याचिका पर अपना जवाब दायर किया, बचावपक्ष के वकीलों जवाब की कॉपी दी गई।
जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े एनसीबी ऑफिस पहुंचे, दोपहर बाद आर्यन खान की ज़मानत याचिका की सुनवाई में होंगे शामिल।
सतीश मानशिंदे - हम एनसीबी के जवाब का इंतजार कर रहें हैं।
कोर्ट - एनसीबी कहां है?
मानशिंदे - कुछ समय पहले मैने एनसीबी के वकील चिमणकर को कोर्टरुम में देखा था।
इस बातचीत के बाद एनसीबी के वकील को बुलाया गया।
शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी भी सेशेंस कोर्ट पहुंची।


आज आर्यन खान की जमानत याचिका पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अपना रिप्लाई फ़ाइल करने वाली है। सोमवार 11 अक्टूबर को आर्यन के वकीलों ने मुम्बई की सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दायर कर सुनवाई की मांग की थी लेकिन एनसीबी ने रिप्लाई फ़ाइल करने के लिए 7 दिन का समय मांगा था जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 2 दिन का समय दिया। आज कोर्ट में एनसीबी की तरफ से रिप्लाई फ़ाइल करने के बाद सेशन कोर्ट मामले की सुनवाई शुरू करेगा जिसके बाद एनसीबी के सूत्रों के अनुसार एनसीबी आर्यन खान और अन्य अरोपीई की जमानत याचिका का विरोध करेगी
एनसीबी का कहना है कि आरोपी कनेक्टेड परिवार से है और जेल से बाहर जाने के बाद जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा एनसीबी को अभी इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करनी है तो आगे आरोपियों की कस्टडी भी लेनी पड़ सकती है
वहीं बचाव पक्ष की दलील ये है कि एनसीबी की जांच में अब तक कोई बड़ा खुलासा नही हुआ है और न ही आर्यन के पास 1 ग्राम भी ड्रग मिला है-बिना ड्रग मिले ही आर्यन एनसीबी की कस्टडी में 7 दिन गुजार चुका है और 6 दिन से आर्यन जेल कस्टडी में है-ऐसे में आर्यन को और ज्यादा दिन कस्टडी में रखना ठीक नही है मानवाधिकार का उलंघन भी है।
आर्यन के खिलाफ कोई और क्रिमिनल या सिविल केस देश के किसी पुलिस थाने में रजिस्टर्ड नही है और एनसीबी की जांच में वो पूरा सपोर्ट करता रहेगा। वही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों ने अब तक इस मामले में कुक 20 आरोपियो की गिरफ्तारी की है जबकि 5 संदिग्धों से लगातार पूछताछ के सिलसिला चल रहा है,जिसमे फ़िल्म निर्माता और बिल्डर इम्तियाज़ खत्री भी शामिल है-इम्तियाज़ खत्री के बान्द्रा के घर पर भी एनसीबी रेड कर चुकी है
वहीं इस मामले में दिल्ली के 2 आयोजक भी अब जांच के घेरे में आ गए हैं। एनसीबी ने इन्हें मंगलवार 12 अक्टूबर को एनसीबी दफ्तर पेश होने का समन भी भेजा था लेकिन ये दोनों आये नहीं।
वहीं एनसीबी ने मध्यप्रदेश के श्यामगढ़ से एक बड़े ड्रग तस्कर के बेटे को भी हिरासत में लिया हुआ है-सूत्रों के मुताबिक इस तस्कर को कुछ दिन पहले इंदौर क्राइम ब्रांच ने 1 करोड़ 10 लाख रुपये की ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। एनसीबी द्वारा गिरफ्तार एक मॉडल जो दिल्ली की है वो मूल रूप से मध्यप्रदेश की ही निवासी है।
इम्तियाज खत्री से मंगलवार को भी दूसरी बार करीब 8 घंटे पूछताछ हुई है। अब तक खत्री को क्लीन चिट नही दी गई है। खत्री से आर्यन के ड्रग कनेक्शन की जानकारी ली जा रही है। सुशांत सिंह राजपूत मामले में भी एनसीबी इम्तियाज से पूछताछ कर चुकी है।
रिपोर्ट- जेपी सिंह
आज आर्यन खान के वकील अमित देसाई कोर्ट में जमानत के लिए दलीलें पेश करेंगे, जिसके बाद जमानत पर फैसला आएगा।
कल एनसीबी के सामने प्रोड्यूसर इम्तियाज खत्री पेश हुए थे। वहीं एनसीबी की मीटिंग भी हुई थी।
2 अक्टूबर को मुंबई तट पर कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर एक पार्टी पर छापे के बाद ड्रग्स की जब्ती से संबंधित मामले में दो नाइजीरियाई नागरिकों सहित कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
शाहरुख खान ने मशहूर वकील अमित देसाई को बेटे आर्यन के लिए हायर किया है, अमित देसाई ने साल 2002 में सलमान खान को हिट एंड रन केस में बरी करवाया था।
शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ड्रग्स केस में जेल में बंद हैं। आर्यन की जमानत पर आज सुनवाई होनी है।
संपादक की पसंद