नई दिल्ली: आज शक्ति कपूर के 57वें जन्मदिन पर बात करते है उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ खास पहलुओं के बारें में। शक्ति कपूर का असली नाम “सुनिल सिकन्दरलाल कपूर” है। उनके पिता टेलर का काम किया करते थे। उनकी दुकान पर बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी आया करते थे। एक दिन अभिनेता सुनील दत्त भी उनकी दुकान पर पहुंचे और वहां उन्हें एक सुनील नाम का लड़का मिला। सुनील दत्त ने उस लड़के को देखा और उसे अपनी फिल्म रॉकी में विलेन का किरदार करने का ऑफर दिया।
इस दौरान सुनील दत्त को लगा की सुनील नाम एक विलेन की भूमिका निभाने वाले अभिनेता को नहीं जचेगा तब उन्होंने इनका नाम सुनील से बदलकर शक्ति रख दिया तब से उन्हें शक्ति ही कहा जाने लगा। इसके बाद शक्ति कपूर ने बॉलीवुड में कई फिल्में की।
शक्ति कपूर जितने कामयाब एक विलेन के किरदार में हुए है उतना ही लोगों ने उन्हें एक कॉमेडियन के किरदार में भी सराहा है। 1995 में आई फिल्म 'राजा बाबू' में अपनी लाजवाब कॉमेडी से उन्होंने लोगों को खूब बुदबुदाया इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट कॉमेडियन का फिल्मफेयर अवार्ड भी दिया गया था। उन्होंने गोविंदा, संजय दत्त और कादर खान के साथ कई कॉमेडी फिल्मे दी है। कादर खान के साथ उन्होंने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है।
शक्ति कपूर ने अपने फिल्मी करियर में लगभग हर बड़े अभिनेता के साथ काम किया है और अपने हर किरदार को पर्दे पर बखूबी निभाया है।
शक्ति कपूर को बेशक हीरो की भूमिका में नहीं देखा गया है लेकिन फिर भी उनके चाहने वालों की कोई कमी नहीं है। हीरो न बनने के बावजूद भी शक्ति कपूर ने अपनी फिल्मों के जरिए लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है।
चाहे कॉमेडी हो या विलेनगिरी, शक्ति ने अपने अंदाज से दोनों शैलियों में असरदार अभिनय किया है। उसी की वजह से उनकी फिल्मों के कई डॉयलाग्स लोकप्रिय हुए हैं।
आइए आज उनके 57वें जन्मदिन के खास मौके पर याद करते हैं उनेक 5 फेमस डायलॉगस-