नई दिल्ली: रविवार शाम को भारतीय वायुसेना (IAF) के डायरेक्टर-जनरल ऑफ एयर ऑपरेशंस, एयर मार्शल एके भारती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भारत ने चल रहे ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के दो सबसे अहम एयरबेस - सरगोधा और जकोबाबाद - पर सटीक हमले किए हैं। इसके अलावा, रावलपिंडी में नूर खान एयरबेस, जो पाकिस्तान के जनरल हेडक्वार्टर्स और राजधानी इस्लामाबाद के करीब है, को भी निशाना बनाया गया। इन हमलों का मकसद पाकिस्तान को सख्त संदेश देना था कि भारत उसकी हरकतों का करारा जवाब दे सकता है।
पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) के लिए सरगोधा और जकोबाबाद एयरबेस उसकी रीढ़ की हड्डी कहा जाता है, और इनकी बर्बादी ने वही हड्डी तोड़ दी। अब सवाल उठता है कि आखिर ये दोनों एयरबेस ही इतने खास क्यों हैं? दरअसल, इन दोनों बेस पर उनके सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान रखे गए हैं, जिनमें अमेरिका से लिए गए F-16 और हाल ही में चीन के साथ मिलकर बनाए गए JF-17 शामिल हैं। ये विमान पाकिस्तान की हवाई ताकत का मुख्य हिस्सा हैं। इन एयरबेस के तबाह हो जाने से पाकिस्तान की वायु सेना काफी हद तक पंगु हो गई।
सरगोधा (PAF बेस मुशाफ): सरगोधा एयरबेस पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है, जो भारत के अमृतसर से करीब 200 किलोमीटर पश्चिम में पड़ता है। इसे पाकिस्तान का सबसे खास और मजबूत एयरबेस माना जाता है। यहां F-16 और JF-17 जैसे विमानों की स्क्वॉड्रन तैनात हैं। साथ ही, फ्रांस से खरीदे गए फाल्कन 20 जेट्स, जो इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए इस्तेमाल होते हैं, भी यहीं हैं। सरगोधा में PAF का सेंट्रल एयर कमांड हेडक्वार्टर्स और एयरपावर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी है, जहां उनके सबसे काबिल पायलट और कमांडर ट्रेनिंग लेते हैं।
जकोबाबाद (PAF बेस शाहबाज): जकोबाबाद एयरबेस सिंध प्रांत में है, जो भारत के राजस्थान के सामने पड़ता है। ये जगह 1971 की लोंगेवाला जंग के लिए भी मशहूर है, जहां भारतीय सेना ने पाकिस्तानी टैंकों को धूल चटाई थी। जकोबाबाद में भी F-16 और JF-17 की स्क्वाड्रन हैं। 2000 के दशक में इस बेस को अमेरिका से मिले नए F-16 विमानों के लिए अपग्रेड किया गया था। ये बेस अफगानिस्तान में 2001 में NATO के ऑपरेशन एंड्यूरिंग फ्रीडम के लिए भी इस्तेमाल हुआ था।
भारत के इन हमलों का मकसद सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था। एयर मार्शल एके भारती ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि ये हमले बहुत सोच-समझकर और सटीक किए गए, ताकि आम लोगों या नागरिक ठिकानों को कोई नुकसान न हो। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास इन बेस पर हर सिस्टम को निशाना बनाने की ताकत है, लेकिन हमने सिर्फ सैन्य ठिकानों को चुना।’ ये हमले पाकिस्तान की ओर से पिछले 4 दिनों में भारत पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में थे। पाकिस्तानी वायुसेना ने लद्दाख के लेह से लेकर गुजरात के नालिया तक भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए थे।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने पुष्टि की कि 7 मई को 9 आतंकी ठिकानों पर हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ, अबू जंदाल, और मुदासिर अहमद जैसे हाई-वैल्यू टारगेट शामिल थे। इसके अलावा सभी आतंकी ठिकानों को पूरी तरह मिट्टी में मिला दिया गया।
भारत ने सरगोधा और जकोबाबाद को मिलाकर कुल 11 एयरबेस को निशाना बनाया। इनके नाम हैं:
IAF ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैटेलाइट तस्वीरें दिखाईं, जिनमें इन ठिकानों को हुए नुकसान को साफ देखा जा सकता है। कुछ भारतीय और विदेशी सैटेलाइट कंपनियों ने भी सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं।

पाकिस्तान के पास करीब 80 F-16 विमान हैं, जो अमेरिका से लिए गए हैं। इसके अलावा, 170 JF-17 विमान हैं, जिन्हें चीन के साथ मिलकर बनाया गया है। ये दोनों ही मल्टी-रोल फाइटर जेट्स हैं, जो हवा में जंग, जमीन पर हमले, जहाजों को निशाना बनाने और जासूसी जैसे कई काम कर सकते हैं। पाकिस्तान के पास कुल 12 बड़े एयरबेस हैं, जो तीन कमांड्स, नॉर्दर्न, सेंट्रल और सदर्न, में बंटे हैं। इसके अलावा कई छोटे बेस और सपोर्ट स्टेशन भी हैं। हालांकि इतना कुछ होने के बाद भी पाकिस्तान हमेशा लड़खड़ाता हुआ नजर आया जबकि भारत उसे घर में घुसकर मारता रहा।
भारत ने इन हमलों के जरिए पाकिस्तान को साफ बता दिया कि वो उसकी हरकतों का जवाब देने में सक्षम है। लेकिन साथ ही, भारत ने ये भी दिखाया कि वो जिम्मेदारी के साथ अपनी ताकत का इस्तेमाल करता है। हमलों में सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, ताकि आम लोगों को कोई नुकसान न हो। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने न सिर्फ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, बल्कि पाकिस्तान की सैन्य ताकत को भी झटका दिया। अब देखना ये है कि पाकिस्तान इस सख्त संदेश को समझता है या फिर और दुस्साहस करने की कोशिश करता है।
संपादक की पसंद