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Explainer: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR क्या है; क्यों इसको लेकर विपक्ष में मचा है इतना हड़कंप?

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Aug 11, 2025 04:48 pm IST,  Updated : Aug 11, 2025 04:53 pm IST

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है, जिसके जरिए मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है लेकिन विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर विरोध जता रहा है।

SIR - India TV Hindi
SIR पर मचा हंगामा Image Source : PTI/FILE

नई दिल्ली: बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए सभी राजनीतिक दल जोर-शोर से तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस बीच एक नाम बिहार में खूब सुना जा रहा है, जिसका नाम एसआईआर (SIR) है। SIR का मतलब होता है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण। 

दरअसल यह एक प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूची में सुधार किया जा रहा है। लेकिन इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार प्रदर्शन कर रहा है। आज (11 अगस्त) 25 विपक्षी दलों के 300 से अधिक सांसदों ने दिल्ली में SIR और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान 'मतदाता धोखाधड़ी' के आरोपों  को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में भी लिया गया। 

क्या है SIR? 

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है, जिसके तहत चुनाव आयोग, मतदाता सूची को अपडेट करता है। उदाहरण के तौर पर कई बार ऐसा पाया जाता है कि किसी व्यक्ति का निधन हो चुका है लेकिन उसका नाम वोटर लिस्ट में मौजूद है, कई बार कोई व्यक्ति 18 वर्ष का पूरा हो जाता है लेकिन उसका नाम मतदाता सूची में ऐड नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए या ऐड किए जाते हैं।

कई बार लोग उस क्षेत्र को छोड़ चुके होते हैं, जहां चुनाव हो रहा है, ऐसे में भी मतदाता का नाम SIR के जरिए सूची से हटाया जाता है।

क्या सभी वोटरों को दिखाने होंगे दस्तावेज?

कई लोगों का ये सवाल है कि जिस तरह से SIR की प्रक्रिया हो रही है तो क्या सभी वोटरों को अपने दस्तावेज दिखाने होंगे। दरअसल ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अगर किसी वोटर का नाम मतदाता सूची से किसी वजह से कट गया है तो वह अपने दस्तावेज दिखाकर अपना नाम मतदाता सूची में ऐड करवा सकता है। जिनके नाम मतदाता सूची में पहले से हैं, उन्हें किसी तरह के दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं है।

विपक्ष क्यों कर रहा है हंगामा?

SIR
Image Source : PTISIR को लेकर विपक्षी सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शन

SIR को लेकर विपक्ष सड़कों पर है और वह इसका विरोध कर रहा है। दरअसल विपक्ष का मानना है कि SIR एक राजनीतिक साजिश है, जिससे लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। विपक्ष मानता है कि ये साफ-सुथरी प्रक्रिया नहीं है और इससे समुदाय विशेष और आर्थिक रूप से कमजोर लोग प्रभावित होंगे। 

SIR का मामला इसलिए भी तूल पकड़ रहा है क्योंकि कुछ ही समय पहले राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में वोटर लिस्ट और मतदान संबंधी आंकड़ों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। विपक्ष की एक चिंता ये भी है कि लोगों से 11 तरीके के जो दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, बड़े पैमाने पर लोगों के पास वो उपलब्ध नहीं हैं। 

विपक्ष की चिंता क्या है?

विपक्ष की एक बड़ी चिंता ये है कि जो लोग गरीब और अशिक्षित हैं, क्या वो वोटर लिस्ट में अपना नाम ऐड करवाने के लिए इतनी जद्दोजहद कर पाएंगे। इस तरह से बड़ी संख्या में लोग अपना नाम वोटर लिस्ट में ऐड नहीं करवा पाएंगे, जिसका असर उनके वोटिंग के अधिकार पर भी पड़ेगा। वहीं सत्ता पक्ष विपक्ष के आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल बाहरी लोगों की पहचान करना है। इससे किसी समुदाय या वर्ग को निशाना नहीं बनाया जा रहा है।

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