भारत की सैन्य ताकत में अब तक का सबसे बड़ा ऐतिहासिक बदलाव हो सकता है। पिछले 20 सालों से भारतीय सेना में जिस बड़े रिफॉर्म यानी 'थिएटर कमांड' पर चर्चा चल रही थी, वो अब अपने अंतिम चरण में है। नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि जल्द ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने इसका फाइनल ब्लूप्रिंट पेश करने वाले हैं। माना जा रहा है कि जुलाई के अंत में 'कारगिल विजय दिवस' के बाद यह अहम प्रेजेंटेशन होगी। दुनिया के सबसे ताकतवर कई देश इसी सिस्टम से अपनी सेनाएं चलाते हैं। ये समय की मांग है कि भारत में भी ये बदलाव होना चाहिए।
थिएटर कमांड क्या है?
कहा जा रहा है कि थिएटर कमांड बनने से युद्ध की स्थिति में भारत का रिस्पॉन्स टाइम बेहद कम हो जाएगा। अब आपके मन में सवाल होगा कि आखिर ये 'थिएटर कमांड' क्या है? इसके आने से हमारी सेना कैसे चीन और पाकिस्तान के छक्के छुड़ा देगी? और दुनिया के कौन से शक्तिशाली देश इस सिस्टम से चलते हैं? आज की इस खबर में हम इस पर विस्तार से बताएंगे।
एक इशारे पर चलेगी पूरी सेना!
सरल शब्दों में कहें तो, अभी भारत की थल सेना (Army), वायु सेना (Air Force) और नौसेना (Navy) अलग-अलग कमांड्स के तहत काम करती हैं। भारत में फिलहाल तीनों सेनाओं की कुल मिलाकर 17 अलग-अलग कमांड्स हैं। सोचिए, अगर किसी एक बॉर्डर पर युद्ध होता है, तो आर्मी अपनी कमांड से ऑर्डर लेगी, एयरफोर्स अपनी और नेवी अपनी। इससे Coordination में समय लग सकता है। लेकिन थिएटर कमांड आने के बाद, इन 17 कमांड्स को मिलाकर 3 इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड (Joint Commands) में बदल दिया जाएगा। यानी एक तय इलाके Theater में तीनों सेनाएं एक ही कमांडर के अंडर काम करेंगी।
थिएटर कमांड से क्या फायदा होगा?
- युद्ध की स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम बेहद कम हो जाएगा
- तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और तुरंत फैसले
- दुश्मन पर हमला एकजुट और अधिक प्रभावी होगा
इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य की जंग में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को बढ़ाना और तुरंत निर्णय लेना है। मान लीजिये अगर चीन सीमा पर कोई हरकत होती है, तो 'नॉर्दन थिएटर कमांड' एक ही इशारे पर आर्मी, नेवी और एयरफोर्स तीनों को एक साथ एक्शन में ला सकेंगे। इसे ही कहते हैं One Border, One Command…चलिए अब समझते हैं भारत में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
कारगिल के बाद सबसे बड़ा बदलाव!
भारत में इस रिफॉर्म की जरूरत आज महसूस नहीं हुई है। 1999 के कारगिल युद्ध के बाद कारगिल रिव्यू कमेटी (KRC) बनाई गई थी। इस कमेटी ने साफ कहा था कि हमारी तीनों सेनाओं के बीच तालमेल की कमी थी और हमें एक 'चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ' (CDS) और संयुक्त कमांड की सख्त जरूरत है। इसके बाद साल 2001 में भारत ने देश का पहला और एकमात्र ट्राई-सर्विस कमांड (Tri-Service Command) अंडमान और निकोबार में ट्रायल के तौर पर बनाया। यह भारत का पहला सफल एक्सपेरिमेंट था। 1 जनवरी 2020 को जब जनरल बिपिन रावत देश के पहले CDS बने, तो उन्हें सबसे बड़ा जिम्मा यही दिया गया कि वे तीनों सेनाओं को एकजुट कर थिएटर कमांड बनाएं।
जनरल बिपिन रावत के अधूरे सपने को फाइनल टच दे रहे जनरल CDS सुब्रमणि
उन्होंने इसका ढांचा तैयार करना शुरू किया, लेकिन उनके आकस्मिक निधन के बाद यह काम थोड़ा धीमा हुआ। अब, नए CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि इस 20 साल पुराने मिशन को फाइनल टच दे रहे हैं और इसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी (CCS) के लिए भेजा जाएगा। भारत की योजना के मुताबिक, मुख्य रूप से 3 थिएटर कमांड्स बनाए जा सकते हैं-
भारत में बनने वाले 3 थिएटर कमांड
- वेस्टर्न थिएटर कमांड: जिसका फोकस मुख्य रूप से पाकिस्तान सीमा पर होगा।
- नॉर्दन थिएटर कमांड: जिसका फोकस चीन सीमा पर होगा।
- मैरीटाइम थिएटर कमांड: जो पूरे हिंद महासागर और समुद्री सुरक्षा को देखेगा।
दुनिया के किन देशों में हैं थिएटर कमांड?
दुनिया के सबसे ताकतवर देश इसी सिस्टम से अपनी सेनाएं चलाते हैं। अगर हम ग्लोबल महाशक्तियों को देखें तो अमेरिका बहुत पहले से थिएटर कमांड का इस्तेमाल कर रहा है। उसके पास 6 जियोग्राफिकल कॉम्बैटेंट कमांड्स हैं, जो पूरी दुनिया पर नजर रखती हैं। इसके अलावा भारत के पड़ोसी चीन ने 2016 में अपनी सेना (PLA) का भारी पुनर्गठन किया। चीन ने अपनी पुरानी व्यवस्था को खत्म करके पूरी सेना को 5 थिएटर कमांड्स में बांट दिया। इसके अलावा रूस और ब्रिटेन भी अपनी सेना को थिएटर कमांड से चलाता है।
सेनाओं में गेमचेंजर बदलाव, उड़ेगी चीन और PAK की नींद!
भारत में पिछले 20 सालों का मंथन अब हकीकत बनने जा रहा है। कारगिल युद्ध के सबक से शुरू हुआ यह सफर अब नए भारत की नई सैन्य ताकत बनने को तैयार है। थिएटर कमांड का सीधा मतलब है- अब हमारी थल सेना, वायु सेना और नौसेना अलग-अलग नहीं, बल्कि एक मुट्ठी बनकर दुश्मन पर वार करेंगी। फैसला लेने में लगने वाला समय सेकंडों में बदल जाएगा। अमेरिका और चीन जैसे देश इसी सिस्टम के दम पर सुपरपावर बने बैठे हैं और अब भारत का 'One Border, One Command' का यह मास्टरस्ट्रोक चीन व पाकिस्तान की हर चाल को नाकाम करने के लिए काफी है।
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