Published : Jan 07, 2025 11:09 pm IST, Updated : Jan 07, 2025 11:09 pm IST
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तिब्बत में 7.1 तीव्रता के भूकंप ने टिंगरी गांव में भारी तबाही मचाई है। भूकंप से 126 लोगों की मौत हो गई और हजारों घर ध्वस्त हो गए। 200 लोगों के घायल होने की खबर है। चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है।
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तिब्बत में आए भूकंप का केंद्र माउंट एवरेस्ट से करीब 80 किलोमीटर (50 मील) उत्तर में स्थित था। पड़ोसी देश नेपाल, भूटान और भारत में भी भूकंप से इमारतें हिल गईं हैं।
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तिब्बत के टिंगरी गांव, जहां की आबादी 7000 थी, इस क्षेत्र में 3 घंटे में 50 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसमें कई की तीव्रता 4.4 दर्ज की गई। राहत और बचाव कार्य जारी है।
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तिब्बत में मंगलवार की सुबह करीब 9 बजकर 15 मिनट पर 7.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे बड़ी तबाही मची है। चारों तरफ मलबा ही मलबा दिख रहा है।
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चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप से हजारों घर तबाह हुए हैं। रेस्क्यू टीम मलबों में फंसे लोगों को बचाने में लगी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियोज में ध्वस्त बिल्डिंग, मलबे, ध्वस्त सड़कें और कारें देखी जा सकती हैं।
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तिब्बत में आए भूकंप के झटके भारत में भी महसूस किए गए। उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप पश्चिम बंगाल और असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भी महसूस किया गया।
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नेपाल की राजधानी काठमांडू में, कथित तौर पर तेज़ झटके के बाद निवासी अपने घरों से बाहर भाग गए। देश के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि तिब्बत की सीमा से लगे सात पहाड़ी जिलों में भूकंप के झटके महसूस किये गये।
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नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, पहला 7.1 तीव्रता का भूकंप सुबह 6:35 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ज़िज़ांग में आया ।
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भूकंप की 7 की तीव्रता प्रबल मानी जाती है और गंभीर क्षति पहुंचाने में सक्षम है। चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के दूसरे सबसे बड़े शहर शिगात्से शहर में तीव्रता 6.8 दर्ज की।
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भूकंप का केंद्र वहां स्थित था जहां भारत और यूरेशिया की प्लेटें टकराती हैं और हिमालय के पहाड़ों में इतना मजबूत उभार पैदा करती हैं कि दुनिया की कुछ सबसे ऊंची चोटियों की ऊंचाई बदल सकती है।