Food Poisoning: फूड पॉइजनिंग हो सकती है खतरनाक, जानें बचने के घरेलू उपाय, इन बातों का भी रखें ध्यान
Food Poisoning: फूड पॉइजनिंग हो सकती है खतरनाक, जानें बचने के घरेलू उपाय, इन बातों का भी रखें ध्यान
Edited By: Sushma Kumari@ISushmaPandey
Published : Nov 28, 2022 11:48 pm IST,
Updated : Nov 28, 2022 11:48 pm IST
कई लोगों को बार-बार फूड पॉइजनिंग की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस दौरान उल्टी, दस्त, जी मिचलाना, पेट में दर्द जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं और अगर इनका सही समय पर इलाज न किया जाए तो यह घातक साबित हो सकते हैं।
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Food poisoning tips
फूड पॉइजनिंग की असल वजह अनहेल्दी खाना हो सकता है, जिसपर हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और फंगस इत्यादि पनपने लगते हैं। ऐसे भोजन का सेवन करने पर हमें फूड पॉइजनिंग सहित कई और अन्य समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है। जब हम ऐसे विषाक्त भोजन को अपने शरीर में पहुंचाते हैं, तो इसकी वजह से हमें पेट दर्द, उल्टी, मतली जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान काफी सुस्ती और थकान महसूस होती है। फूड प्वाइजनिंग से बचाव के लिए हमेशा कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए और इस समस्या के हो जाने पर कुछ घरेलू नुस्खों को भी ट्राई किया जा सकता है, जो आपको इस परेशानी से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।
फूड प्वाइजनिंग के लिए जरूरी टिप्स
फूड प्वाइजनिंग होने पर साबुत अनाज का सेवन करने से बचें।
इन हालातों में शराब और कैफीन से दूरी बना लेना ही भलाई है।
मतली और उल्टी बंद हो जाने के बाद भी हल्का खाना ही खाएं।
फूड पॉइजनिंग के दौरान थोड़े-थोड़े समय बाद पानी का सेवन करते रहें।
फूड पॉइजनिंग के दिनों में गेहूं, आलू, चावल, कम वसा वाले मीट, कम चीनी वाले अनाज का सेवन किया जा सकता है।
फूड प्वाइजनिंग से छुटकारा पाने के लिए नींबू, केला, अदरक दही, मेथीदाना, एप्पल साइडर विनेगर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
फूड प्वाइजनिंग से ऐसे करें बचाव
एक-दो दिन से ज्यादा वक्त तक रखे हुए किसी भी खाने को खाने से बचें और भूलकर भी चिकन, मांस, मछली को स्टोर करके न खाएं।
दूषित पानी पीने से बचें।
अधपका नॉनवेज को खाने से परहेज करें।
खाना खाने से पहले अपने हाथ को हमेशा अच्छी तरह से वॉश करें।
कच्चे नॉनवेज को साफ करने या छूने के बाद हाथों को साबुन के जरिए जरूर धोएं।
खाने की चीजों को हमेशा साथ जगह पर ही रखें।
बर्तनों को अच्छी तरीके से साफ-सुथरा करके उसमें खाना बनाया पर परोसें।
अनाज या सूखे मसालों को चेक करके ही इनका इस्तेमाल करें, क्योंकि कभी-कभी इनमें फंगस जमा होने लगते हैं।
बिस्किट और नमकीन जैसे स्नैक्स को हमेशा एयरटाइट कंटेनर में ही स्टोर करें।
खाना बनाने वाले लकड़ी के बर्तनों जैसे- बेलन, चकला, चॉपिंग बोर्ड, चाकू को आदि को हमेशा चेक करके ही इस्तेमाल करें कि वह साफ-सुथरे हैं या नहीं। कोशिश करें कि खाना बनाने के बाद इन चीजों को धोकर ही रखें।
मल के साथ यदि खून या पस आने लगे, अधिक बुखार, डिहाइड्रेशन होने पर, डायरिया, ज्यादा उल्टी होने पर और ऐसे समय में लिक्विड ना ले पाने की अवस्था में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।