जिस स्पीड से हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं, लोग चलते-फिरते, उठते, बैठते, नाचते अचानक दिल का दौरा पड़ने से जान गंवा रहे है उसमें सीपीआर (CPR) ऐसी ट्रेनिंग है जो ज़ीरो आवर्स में जान बचाने का काम कर सकती है। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की एक लेटेस्ट स्टडी के मुताबिक पुरुषों में तो 35 की उम्र से ही हार्ट डिज़ीज का खतरा बढ़ने लगता है। यानि जिस उम्र में आदमी अपने करियर को मजबूत दिशा दे रहा होता है उसी वक्त शरीर के अंदर कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज खामोशी से दस्तक देने की फिराक में लग जाती हैं और इंसान को पता भी नहीं चलता है। शुरुआत में धमनियों में कोलेस्ट्रॉल की परत यानि प्लाक के बढने के लक्षण नज़र ही नहीं आते, इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स तो अब 19 साल की उम्र से ही रेगुलर हार्ट स्क्रीनिंग की सलाह दे रहे हैं। सिर्फ स्क्रीनिंग से काम नहीं चलेगा, कम उम्र से ही कोलेस्ट्रॉल-बीपी-शुगर कंट्रोल रखना होगा। लोगों को बढ़ते तनाव-उदासी, इंसोमेनिया जैसे दिल के दुश्मनों से बचना होगा। अब सवाल कि ये होगा कैसे, आइये स्वामी रामदेव से जानते हैं दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
मौत की 10 वजह में हार्ट डिजीज नंबर 1
हार्ट से जुड़ी बीमारियों से मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हार्ट अटैक का कारण कई दूसरी बीमारियां जैसे हाई बीपी, हाई शुगर, हाई कोलेस्ट्रॉल, चेस्ट पेन और पसीना आना है। इसके लिए हार्ट से जुड़ी जांच करवाते रहें। मेडिकल टेस्ट के साथ ही खुद भी अपने दिल की सेहत का पता लगा सकते हैं। इसके लिए 1 मिनट में 50-60 सीढ़ियां चढ़ें, 20 बार लगातार उठक-बैठक करें, ग्रिप टेस्ट करें जैसे किसी कांच के जार का ढक्कन खोलकर देखें।
कार्डियक अरेस्ट से कैसे बचें?
हार्ट की बढ़ती बीमारियों का एक बड़ा कारण खराब लाइफस्टाइल भी है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि अपनी दिनचर्या को सुधारें। तंबाकू-एल्कोहल की आदत से दूर रहें। जंक फूड की बजाय घर का बना हेल्दी खाना खाएं। रोजाना कुछ देर योगाभ्यास करें। जिसमें प्राणायाम करें जरूर शामिल करें। कुछ देर की वॉक और जॉगिंग करने से स्ट्रेस को कम किया जा सकता है। स्विमिंग करें और साइकिलिंग करें इससे दिल को मजबूत बनाया जा सकता है।
हार्ट के लिए जरूरी जांच
- ब्लड प्रेशर महीने में 1 बार
- कोलेस्ट्रॉल 6 महीन पर
- ब्लड शुगर 3 महीने पर
- EYE टेस्ट 6 महीने पर
- फुल बॉडी साल में एकबार
दिल को स्वस्थ कैसे बनाएं
हार्ट को हेल्दी रखने के लिए ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, शुगर लेवल और वजन को कंट्रोल रखें। पानी की मात्रा बढ़ा दें, नमक-चीनी कम करें, फाइबर ज्यादा लें, नट्स जरूर खाएं, साबुत अनाज लें, प्रोटीन जरूर लें। इसके अलावा 15 मिनट सूक्ष्म व्यायाम करें, रोज सुबह लौकी का जूस पीएं, तले-भुने खाने से बचें, स्मोकिंग बिल्कुल ना करें, अर्जुन की छाल का काढ़ा पीएं। लौकी का सूप, लौकी की सब्जी और लौकी का जूस पीएं। अलसी, लहसुन, दालचीनी और हल्दी का सेवन करें। रोज अर्जुन की छाल का काढ़ा पीएं।