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नेचुरली कंट्रोल हो सकता है हाई ब्लड शुगर, जानें रोजाना करना होगा कौन सा काम?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Nov 25, 2025 11:58 pm IST,  Updated : Nov 26, 2025 12:02 am IST

बढ़ा हुआ ब्लड ग्लूकोज लेवल एक गंभीर समस्या है, जिसे हाइपरग्लाइसीमिया कहते हैं। अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह नसों, रक्त वाहिकाओं और अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है,

ब्लड ग्लूकोज- India TV Hindi
ब्लड ग्लूकोज Image Source : UNSPLASH

शरीर में बढ़ा हुआ ब्लड ग्लूकोज़ लेवल एक गंभीर समस्या है। जब शुगर लेवल बार-बार बढ़ता और गिरता है, तो इस वजह से शरीर में सूजन, थकान, खाने की क्रेविंग और पैंक्रियास पर स्ट्रेस बढ़ता है। समय के साथ, यह स्थिति इंसुलिन रेजिस्टेंस, मेटाबोलिक सिंड्रोम और अंततः टाइप-2 डायबिटीज़ का ख़तरा बढ़ा सकती है। ब्लड शुगर कंट्रोल होने पर यह न केवल बीमारियों से बचाता है, बल्कि बेहतर एनर्जी देता है और क्रेविंग को कम करता है। साथ ही आसानी से फैट लॉस में भी मदद करता है। अच्छी बात यह है कि ब्लड शुगर को बैलेंस करने के लिए आपको किसी कठोर डाइट की ज़रूरत नहीं है। आप नेचुरली भी ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकते हैं. चलिए जानते हैं कैसे?

ब्लड शुगर को नेचुरली बैलेंस करने के तरीके 

  • नाश्ते में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएँ: अपने नाश्ते में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएँ। दिन की शुरुआत 25 से 30 ग्राम प्रोटीन के साथ करें। प्रोटीन से भरपूर नाश्ता पूरे दिन शुगर को संतुलित रखता है। ज़्यादा प्रोटीन वाला नाश्ता खाने के बाद ब्लड शुगर को कम करता है, और यहाँ तक कि लंच और डिनर में भी ग्लूकोज़ रिस्पॉन्स को धीमा करने में मदद करता है।

  • खाने के बाद ज़रूर टहलें: खाने के बाद सिर्फ़ 10 से 15 मिनट की हल्की मूवमेंट या वॉक करें। यह साधारण एक्टिविटी ब्लड शुगर स्पाइक को 30 से 40% तक कम कर सकती है। क्योंकि मांसपेशियां रक्तप्रवाह से अतिरिक्त ग्लूकोज का उपयोग करने लगती हैं। यह न केवल मधुमेह के जोखिम को कम करने में मदद करता है, बल्कि पाचन और इंसुलिन संतुलन में भी सुधार करता है। 

  • 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लें: हर रात 7 से 9 घंटे की गहरी और अच्छी नींद ले। सिर्फ़ एक रात की ख़राब नींद भी इंसुलिन सेंसिटिविटी को 25 से 30% तक कम कर सकती है। अगर आप हेल्दी ब्लड-शुगर रेगुलेशन बनाए रखना चाहते हैं, तो अच्छी नींद डाइट और एक्टिविटी जितनी ही ज़रूरी है।

  • कोर्टिसोल को मैनेज करें: स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए योग, ध्यान, गहरी साँस लेने के व्यायाम या हॉबी का सहारा लें। कोर्टिसोल का लगातार बढ़ना ग्लूकोज़ मेटाबॉलिज़्म को बिगाड़ता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है। 

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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