नेगलेरिया फाउलेरी एक अमीबा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये अमीबा झीलों, नदियों और झरनों जैसी पानी वाली जगहों में पाया जाता है। नेगलेरिया फाउलेरी इंफेक्शन के खतरे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस संक्रमण की वजह से मरीज की जान भी जा सकती है। इस अमीबा का साइज इतना ज्यादा छोटा होता है कि इसे माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है।
कैसे शिकार बनाता है दिमाग खाने वाला अमीबा?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये अमीबा नाक के जरिए शरीर में घुसता है और फिर लोगों को अपना शिकार बनाता है। जो लोग झीलों में या फिर नदियों में तैरते हैं, वो ब्रेन ईटिंग अमीबा की चपेट में आ सकते हैं। दूषित पानी में मौजूद ये अमीबा दिमाग के टिशू को नष्ट कर देता है जिसकी वजह से आपका दिमाग खोखला हो सकता है।
नेगलेरिया फाउलेरी इन्फेक्शन के लक्षण
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस इन्फेक्शन के लक्षण एक से 12 दिनों के अंदर दिखाई देते हैं। ब्रेन ईटिंग अमीबा की वजह से आपको सिर में दर्द, बुखार या फिर उल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इन्फेक्शन के बढ़ने के कारण गर्दन में अकड़न महसूस होना, दिमाग का काम न करना, दौरे पड़ना या फिर कोमा जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं।
गौर करने वाली बात
अगर समय रहते नेगलेरिया फाउलेरी इन्फेक्शन का इलाज शुरू न किया जाए, तो 18 दिनों के अंदर मरीज की मौत भी हो सकती है। इस इन्फेक्शन से बचने के लिए गर्मी में या फिर बरसात के मौसम में नदी या फिर झरनों में जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा पानी वाली जगहों पर जाते समय सावधानी बरतें जिससे आपकी नाक में पानी न जाए।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।