बारिश की बूदें जब ज़मीन पर गिरती हैं तो बचपन की वो बेफिक्री याद आ जाती है। जहां भीगा चेहरा एक कहानी और मिट्टी में सने पांव एक कैनवास होता था जो आजादी का एहसास कराता था। लेकिन बदलते वक्त के साथ बहुत कुछ बदल गया। अब ना वो पहले वाली मिट्टी रही और ना वैसी आबोहवा। अब डरहम यूनिवर्सिटी की स्टडी ही ले लीजिए जिसके मुताबिक, मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव की वजह से मिट्टी में मौजूद बैक्टीरिया का स्वभाव बदल रहा है फायदे की जगह अब वो सेहत के लिए खतरा बन गई हैं। ये मिट्टी-पानी-पौधों के जरिए इंसानों के शरीर तक पहुंचकर, तमाम तरह की बीमारियों की वजह बन रही है। क्योंकि जीन बदलने की वजह से ये बैक्टीरिया एंटीबायोटिक रेजिस्टेंट हो गए है नतीजा दवाइयां इन पर बेअसर साबित हो रही हैं।
यही वजह है कि जिस मानसून को देखकर मौज मस्ती का एक्साइटमेंट होता था अब वही बरसात सेहत की टेंशन बढ़ा देती है। धूल-मिट्टी-कीचड़, बारिश का पानी या फिर बरसाती हवा का एक्पोजर मिला नहीं कि सीजनल परेशानी शुरु हो जाती है सर्दी-खांसी-जुकाम-के साथ तमाम इन्फेक्शन आफ़त बढ़ा देते हैं। आयुर्वेद की भाषा में कहें तो कफ और वात की परेशानी शुरु हो जाती है। शरीर की प्रकृति बिगड़ने लगती है। तो गर्मी हो या बरसात हर मौसम में इम्यूनिटी मजबूत रहे। वात-पित-कफ यानि शरीर के त्रिदोष बैलेंस रहें। ग्लोबल वॉर्मिंग और बैक्टीरियल रेजिस्टेंस भी कुछ ना बिगाड़ सके। उसके लिए क्या करे, ये योगगुरु स्वामी रामदेव से जानते हैं
वात पित्त इम्बैलेंस - बायोलॉजिकल एनर्जी
-
वात दोष हवा से जुड़ा है
-
पित्त दोष आग से जुड़ा है
-
कफ दोष पानी से जुड़ा है
बिगड़े त्रिदोष कैसे पहचानें?
-
गैस
-
कमज़ोरी
-
वात
-
जकड़न
-
सीने में जलन
-
एसिडिटी
-
पित्त
-
बेहोशी-चक्कर
-
थकान
-
शरीर में भारीपन
-
कफ
-
सांस की दिक्कत
त्रिदोष बिगड़ने से रोग
-
हाई बीपी
-
शुगर
-
ओबेसिटी
-
हाई कोलेस्ट्रॉल
-
जोड़ों का दर्द
-
सर्दी-जुकाम
बिगड़े त्रिदोष - लगेंगे रोग
-
हाई बीपी
-
शुगर
-
ओबेसिटी
-
थायराइड
-
सर्दी-जुकाम
-
एसिडिटी
-
ज्वाइंट्स पेन
-
कफ दोष से 28 बीमारियां
-
पित्त दोष से 40 बीमारियां
-
वात दोष से 80 बीमारियां
कोल्ड-कफ - एलर्जी
-
सिरदर्द
-
हाई बीपी
-
डिहाइड्रेशन
-
इनडायजेशन
वात की परेशानी - जूस है कारगर
-
हरसिंगार
-
निरगुंडी
-
एलोवेरा
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।