Thursday, January 08, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. कोविड जांच सुविधा की कमी से लोगों में महामारी के प्रति जोखिम भरे व्यवहार की आशंका अधिक: शोध

कोविड जांच सुविधा की कमी से लोगों में महामारी के प्रति जोखिम भरे व्यवहार की आशंका अधिक: शोध

पीएलओएस वन नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि वायरस संक्रमण की जांच की उपलब्धता लोगों के कोविड संबंधी व्यवहार को प्रभावित करने में एक स्वतंत्र भूमिका निभाती है।

Written by: India TV Health Desk
Published : Feb 13, 2022 05:07 pm IST, Updated : Feb 13, 2022 05:07 pm IST
Covid- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK Covid

वैज्ञानिकों ने पाया है कि किसी समुदाय में कोविड परीक्षण उपलब्ध नहीं होने से लोगों में इस महामारी के प्रति जोखिम भरे व्यवहार की आशंका काफी बढ़ जाती हैं, जिससे संक्रमण में वृद्धि हो सकती है।

इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि अगर किसी क्षेत्र में कोरोना जांच सुविधाएं हैं और लोगों को पता लग जाता है कि वे कोरोना संक्रमित हैं तो वे अपने आपको एक स्थान में आइसोलेट कर लेंगे जिससे अन्य लोगों में संक्रमण का खतरा कम हो जाएगा। इसके विपरीत अगर लोगों में इस बीमारी के लक्षण हैं लेकिन जांच सुविधाएं नहीं हैं और भले ही वे कोरोना संक्रमित हो मगर वे समुदाय में सभी कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।

इस वैक्सीन की तीसरी खुराक के 4 महीने बाद कम हो जाती है प्रतिरोधक क्षमता, जानिए कौन सा टीका है अधिक प्रभावशाली

पीएलओएस वन नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि वायरस संक्रमण की जांच की उपलब्धता लोगों के कोविड संबंधी व्यवहार को प्रभावित करने में एक स्वतंत्र भूमिका निभाती है।

इंडियाना यूनिवर्सिटी में मार्केटिंग के सहायक प्रोफेसर शोधकर्ता कैथरीन क्रिस्टेंसन ने कहा, इस अध्ययन में, हम पाते हैं कि भले ही अपने आपको अलग थलग करने संबंधी चिकित्सा निर्देश पूरी तरह स्पष्ट हों लेकिन जांच सुविधाओं तक पहुंच होना काफी अहमियत रखता है।

क्रिस्टेंसन ने कहा ये परिणाम परीक्षण की उस भूमिका को उजागर करते हैं जो वर्तमान महामारी के साथ-साथ भविष्य में लोगों की व्यावहारिक प्रतिक्रिया को प्रभावित करने में भूमिका निभा सकता है।

वैक्सीन लगे लोगों को ओमिक्रॉन लहर के दौरान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा: शोध

अध्ययन के लिए, टीम ने अमेरिका में 1,194 लोगों यह जानना चाहा कि अगर उन्हें इस बीमारी के लक्षण हैं और जांच कराने के बाद वे क्या कोई सावधानी बरतेंगे तो उन्होंने सभी कोरोना मानकों का पालने करने की बात कही। दूसरी स्थिति में लोगों से पूछा गया कि अगर उन्हें इसके सभी लक्षण हैं लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट नकारात्मक आती है तो वे क्या सावधानी बरतेंगे तो उन लोगों ने कहा कि वे सभी कार्यक्रमों मे शिरकत करेंगे।

इनपुट - आईएएनएस

Latest Health News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement