आज कल लोग कम उम्र में ही दिल की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। स्थिति ये है कि 18 साल के युवाओं में भी मोटापा और हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या देखी जा रही है। लेकिन, समझने वाली बात ये है कि कम उम्र में हाई कोलेस्ट्रॉस और दिल की बीमारियों की शुरुआत हो कहां से रही है। तो, बता दें कि कुछ ड्रिंक्स का सेवन धमनियों में तेजी से कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं और फिर धीमे-धीमे आपको दिल की बीमारियों की ओर ले जाते हैं। तो, आइए जानते हैं कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले इन ड्रिंक्स के बारे में विस्तार से।
हार्ट के मरीज बना देंगे ये ड्रिंक्स:
-
आइसक्रीम: आइसक्रीम, टेस्टी तो होते ही हैं लेकिन भूलें नहीं कि ये डेयरी उत्पाद है जो आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है, खासकर अगर इसे नियमित रूप से खाया जाए तो। ऐस में आजकल कई प्रकार के फ्रूट शेक में आइसक्रीम ऊपर से डाला जाता है या मिलाया जाता है और इन्हें पीना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है।
-
मलाई-मक्खन वाले ड्रिंक्स: केसर मलाई दूध, रबड़ी, लस्सी और छाछ को टेस्टी बनाने के लिए अक्सर दुकानदार मलाई और मक्खन का ज्यादा प्रयोग करते हैं। लेकिन, इन्हें पीना आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इन्हें पीने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और आर्टरी में ब्लॉकेज की समस्या हो सकती है।
-
हाई फैट मिल्क वाले ड्रिंक्स:: हाई फैट मिल्क का सेवन, टेस्टी तो बहुत लगता है लेकिन इसे पीना शरीर में फैट और कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है। दरअसल, हाई फैट कॉन्टेंट धमनियों की दीवारों पर चिपक सकते हैं और आपको ब्लॉकेज का शिकार बना सकते हैं। इसलिए आपको इसकी जगह लो फैट वाले दूध का सेवन करना चाहिए।
-
चाय और कॉफी: चाय और कॉफी ज्यादा पीना, हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को बुलावा दे सकता है। दरअसल, इसमें समझने वाली बात ये है कॉफी में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकता है। कॉफी में डाइटरपीन कंपाउंड होता है जो कोलेस्ट्रॉल पचाने वाले पदार्थों के उत्पादन को दबा देता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। तो, चाय पाचन क्रिया को प्रभावित करता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।