डायबिटीज़ आज के समय की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक बन चुकी है, जिसे सही लाइफस्टाइल और अच्छी डाइट के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। अक्सर लोग दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन असल में आपकी रोज़ की थाली ही ब्लड शुगर को मैनेज करने में सबसे बड़ा रोल निभाती है। क्या खाएं, कितना खाएं और कब खाएं ये तीनों बातें डायबिटीज़ कंट्रोल करने के लिए बेहद अहम हैं। अगर आप भी अपनी डाइट को लेकर कंफ्यूज रहते हैं, तो यहां जानिए एक आसान और असरदार डाइट गाइड, जो आपकी शुगर को बैलेंस रखने में मदद करेगी
कैसी होनी चाहिए डाइट?
-
कार्बोहाइड्रेट्स: कार्बोहाइड्रेट्स का ब्लड ग्लूकोज़ लेवल पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है, इसलिए डायबिटीज़ मैनेजमेंट का सबसे पहला और सबसे ज़रूरी मकसद सही कार्ब्स चुनना है।डायबिटीज़ मरीज़ों की डाइट में कार्ब्स के बजाय कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाले फूड्स शामिल होने चाहिए।
-
चावल के बजाय रोटी चुनें, क्योंकि चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स रोटी से ज़्यादा होता है।
-
गेहूँ का आटा, बाजरे का आटा या चने का आटा मिलाकर भी रोटियाँ बना सकते हैं, जिससे पोषण और भी बढ़ जाएगा।
-
अगर आप अपने खाने में चावल के अलावा कुछ और सोच ही नहीं पा रहे हैं, तो सफ़ेद चावल के बजाय ब्राउन राइस चुनें, क्योंकि इसमें ज़्यादा फाइबर होता है और इसका GI कम होता है।
-
प्रोटीन: डायबिटीज़ के मरीज़ों की डाइट में प्रोटीन्स का एक बड़ा हिस्सा होता है, क्योंकि ये खून में ग्लूकोज़ का लेवल बढ़ाए बिना इंसुलिन के रिस्पॉन्स को बढ़ा सकते हैं।
-
अपने दिन की शुरुआत एक गिलास स्किम्ड दूध से करें, ताकि आपको अच्छी मात्रा में प्रोटीन मिल सके।
-
कच्ची सब्ज़ियाँ और बिना प्रोसेस किए हुए अनाज खाएँ, क्योंकि इनमें फ़ाइबर और प्रोटीन दोनों ही भरपूर मात्रा में होते हैं।
-
अपनी रसोई में अलग-अलग तरह की दालें रखें, जैसे कि मूँग दाल, अरहर दाल, उड़द दाल, चना दाल और मसूर दाल।
-
अपने खाने में कम फ़ैट वाले डेयरी उत्पाद, कम फ़ैट वाला मांस या प्रोटीन से भरपूर फलियाँ शामिल करें।
-
अगर आप अपने प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट लेने की सोच रहे हैं, तो शुगर फ्री सप्लीमेंट चुनें।
-
फल और सब्ज़ियाँ: डायबिटीज़ होने का मतलब यह नहीं है कि आप फल नहीं खा सकते। फल और सब्ज़ियों में विटामिन, मिनरल, फ़ाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, और इनमें कैलोरी भी कम होती है। इसलिए ये आपके डाइट का एक बेहतरीन हिस्सा बन सकते हैं।
-
आपको ऐसे फल और सब्ज़ियाँ चुननी चाहिए जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो, ताकि आपका ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कंट्रोल में रहे फलों या सब्ज़ियों के जूस के बजाय साबुत फल और सब्ज़ियों (सलाद के रूप में) को ज़्यादा अहमियत दें।
-
जूस में फाइबर की कमी होती है और उनमें फलों की चीनी ज़्यादा मात्रा में होती है।
-
खाना खाने के तुरंत बाद फल न खाएं, क्योंकि इससे ब्लड ग्लूकोज़ लेवल अचानक बढ़ सकता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें