ध्यान यानि मेडिटेशन को दिमाग की सबसे पावरफुल योग मुद्रा माना जाता है। रोजाना कुछ देर मेडिटेशन करने कई फायदे मिलते हैं। इससे तनाव और चिंता कम होने लगती है। आप कहीं ज्यादा फोकस्ड होते हैं और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। ध्यान लगाने से सिर्फ मानसिक ही नहीं शारीरिक फायदे भी मिलते हैं। इससे नींद बेहतर होती है। ब्लड प्रेशर में सुधार आता है। अगर आप मेडिटेशन करना शुरू करना चाहते हैं तो जान लें क्या है मेडिटेशन का सही समय, तरीका और किस वक्त मेडिटेशन करना चाहिए?
मेडिटेशन करने का सही समय क्या है?
मेडिटेशन करने सबसे अच्छा समय सुबह ब्रह्म मुहूर्त को माना जाता है। आप सुबह 4 बजे से 6 बजे के बीच ध्यान कर सकते हैं। इस समय वातावरण एकदम शांत होता है और मन भी फ्रेश रहता है। आप एकांत और शांत वातावरण में ध्यान करें। कुछ शाम को और कुछ लोग रात में सोने से पहले दिमाग को रिलेक्स करने के लिए ध्यान करते हैं।
मेडिटेशन का सही तरीका क्या है?
मेडिटेशन करने के लिए आप शरीर को दिमाग को रिलेक्स करें। अब सुखासन में बैठ जाएं और अपनी दोनों आंखों को बंद कर लें। आराम से अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। शुरुआत में मन और विचारों को केन्द्रित करना मुश्किल हो सकता है, लेकि जितना अधिक अभ्यास करेंगे, ध्यान करना उतना ही बेहतर होता जाएगा। शुरुआत में 10-15 मिनट के लिए अभ्यास करें। रोजाना एक ही समय पर ध्यान करें, इससे आपका दिमाग उस स्थिति के लिए तैयार रहता है। ध्यान के वक्त मन और दिमाग को ॐ पर केन्द्रित करने की कोशिश करें। आंखें को धीरे से बंद करें और अपनी आती-जाती सांसों को महसूस करें। अगर दिमाग में विचार आ रहे हैं तो आने दें। विचारों से बिना भटके फिर से सांसों पर ध्यान लगाने की कोशिश करें। ऐसा 20 मिनट तक रोज करें।
मेडिटेशन के फायदे
रोजाना मेडिटेशन करने से मानसिक शांति मिलती है। इससे स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम किया जा सकता है। आपका फोकस बढ़ता है। आप कहीं एक जगह किसी एक काम में बेहतर तरीके से ध्यान लगा पाते हैं। मेडिटेशन करने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। ध्यान करने से रात में नींद अच्छी आती है। जिन लोगों को दिमाग और मन बहुत ज्यादा भटकता रहता है उन्हें मेडिटेशन करने से शांति मिलती है। आपकी मेमोरी तेज होती है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)