1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. अभी तक हम करीब 1200 कानून खत्म कर चुके हैं: PM मोदी

अभी तक हम करीब 1200 कानून खत्म कर चुके हैं: PM मोदी

 Written By: Bhasha
 Published : Apr 02, 2017 04:15 pm IST,  Updated : Apr 02, 2017 04:16 pm IST

इलाहाबाद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार सामान्य जनों पर कानून का बोझ कम करने के लिए अभी तक करीब 1200 कानून खत्म कर चुकी है। (देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के

pm modi- India TV Hindi
pm modi

इलाहाबाद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार सामान्य जनों पर कानून का बोझ कम करने के लिए अभी तक करीब 1200 कानून खत्म कर चुकी है।

(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 150 वर्ष पूरे होने पर साल भर से चल रहे कार्यक्रम के आज समापन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा, सरकारों ने कानून का जो जंजाल बनाया है, कानून का बोझ जो सामान्य जनों पर लादा गया है, प्रधान न्यायधीश भी कहते हैं कि इस बोझ को कैसे कम किया जाए। मुझे इस बात की खुशी है कि हमारी सरकार के पांच साल पूरे भी नहीं हुए हैं और अब तक हम करीब करीब 1200 कानून खत्म कर चुके हैं।

मोदी ने कहा, बदले हुए युग में टेक्नोलॉजी की बहुत बड़ी भूमिका है। भारत सरकार ने भी आईसीटी के माध्यम से न्याय व्यवस्था का सरलीकरण करने और उसे मजबूत बनाने का प्रयास किया है। इस टेक्नोलाजी के माध्यम से अदालतों में गुणात्मक बदलाव आएगा, तेजी आएगी।

ये भी पढ़ें

उन्होंने कहा, तारीख लेने के लिए विवेक की जरूरत नहीं होती, मसले सुलझाने के लिए विवेक की जरूरत होती है। अदालत में आने के बजाय मोबाइल पर तारीख लेने की परंपरा क्यों न शुरू की जाए। इससे दूर-दराज में तैनात सरकारी अधिकारियों को अपने मामलों के संबंध में अदालतों में पेश होने के लिए नहीं आना पड़ेगा और वे अपना बहुमूल्य समय प्रशासनिक कार्यों को निपटाने में खर्च कर सकेंगे।

मोदी ने कहा, अगर वीडियो कॉन्फ्रेंस से जेल और अदालत को हम जोड़ दें तो कितना समय बचा सकते हैं... कितना खर्च बचा सकते हैं। भारत सरकार का यह प्रयास है कि हमारी न्याय व्यवस्था को आईसीटी का भरपूर लाभ मिले। प्रधानमंत्री ने स्टार्ट-अप शुरू करने वाले नौजवानों से नए नए प्रयोग कर न्याय व्यवस्था के लिए समाधान उपलब्ध कराने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद की यह अदालत भारत के न्याय क्षेत्र का तीर्थ है। और इस तीर्थ क्षेत्र में इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर आप सबके बीच आकर सभी की बातें सुनकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर राधाकृष्णन द्वारा यहां दिए गए भाषण की कुछ पंक्तियां पढ़ते हुए कहा, डॉक्टर राधाकृष्णन ने कहा था कि कानून ऐसी चीज है जो लगातार बदलती रहती है। कानून लोगों के स्वभाव के अनुकूल होना चाहिए। पारंपरिक मूल्यों के अनुकूल होना चाहिए। आधुनिकी प्रवृत्तियों के अनुकूल होना चाहिए। कानून की समीक्षा के समय इन सब बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। कानून का अंतिम लक्ष्य सभी लोगों का कल्याण है, सिर्फ अमीर लोगों का कल्याण नहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से 50 वर्ष पूर्व राधाकृष्णन ने इसी धरती से न्यायाधीशों को एक मार्मिक संदेश दिया था। और आज भी वह इतना ही प्रासंगिक है। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर, कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोंसले और अन्य उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित थे।

साल भर से चल रहे इस कार्यक्रम का उद्घाटन 13 मार्च, 2016 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा किया गया था।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत