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अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार की कंपनी के खिलाफ बड़ा खुलासा

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 12, 2017 11:59 pm IST,  Updated : May 12, 2017 11:59 pm IST

अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार की कंपनी के खिलाफ कुछ अहम सबूत इंडिया टीवी के हाथ लगे हैं। केजरीवाल के ब्रदर इन लॉ की कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन्स को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की धज्जियां उड़ायी गयीं, कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए प्रेशर डाला गया।

Arvind Kejriwal- India TV Hindi
Arvind Kejriwal

नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार की कंपनी के खिलाफ कुछ अहम सबूत इंडिया टीवी के हाथ लगे हैं। केजरीवाल के ब्रदर इन लॉ की कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन्स को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की धज्जियां उड़ायी गयीं, कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए प्रेशर डाला गया। काम बिना पूरा हुए पेमेंट का प्रोसेस शुरू कर दिया गया और जहां थोड़ा बहुत काम हुआ भी उसमें घटिया मैटेरियल इस्तेमाल किया गया। PWD डिपार्मेंट में हुई धांधली की पूरी डीटेल हमारे संवाददाता के पास है। आज एंटी करप्शन ब्यूरो ने PWD स्कैम में तीन कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से एक कंपनी केजरीवाल के ब्रदर इन लॉ की रेनू कंस्ट्रक्शन्स भी है। 

इंडिया टीवी के पास केजरीवाल के ब्रदर इनलॉ की कंपनी को मिले तीन ठेकों से जुड़ी एक्सक्लूसिव जानकारी है। रेनू कंस्ट्रक्शन को पहला ठेका जहांगीर पुरी में नाले के कंस्ट्रक्शन का दिया गया था। दूसरा ठेका आजादपुर सब्जी मंडी में कंक्रीट रिपेयर का था। और तीसरा ठेका जीटी रोड पर सर्विस रोड के रिपेयर का था। इन तीनो ही ठेके में गड़बड़ी हुई है। जहांगीर पुरी के नाले के कंस्ट्रक्शन का ठेका करीब एक करोड़ साठ लाख रूपए का था। ठेका अगस्त में दिया गया और काम सात महीने में पूरा होना था, लेकिन काम अब तक अधूरा है। 

पीडब्लूडी की स्टेटस रिपोर्ट में लिखा है कि जो थोड़ा बहुत काम हुआ है, उसमें भी घटिया मैटेरियल का इस्तेमाल हुआ है। नियम ये है कि जब भी कंक्रीट की दीवार बनाने का ठेका दिया जाता है तो ठेका लेने वाली कंपनी को बताना होता है कि उसमें कितना सीमेंट लगाया जाएगा। मैटेरियल का कंपोजीशन क्या होगा। लेकिन केजरीवाल के ब्रदर इन लॉ की कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन ने इसकी कोई डीटेल नहीं दी और फिर भी उसे ठेका मिल गया। अभिषेक उपाध्याय जहांगीर पुरी की उस साइट पर गए जहां कंस्ट्रक्शन का काम अधूरा पड़ा है।

असल में आजादपुर मंडी में किसी भी काम का ठेका देने से पहले एग्रिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कंपनी से उसका अप्रूवल जरूरी है। ये कमिटी दिल्ली ऐग्रिकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के अंडर है। इस बोर्ड के चेयरमैन केजरीवाल के करीबी और दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय हैं। बोर्ड की मीटिंग में ही रेनू कंस्ट्रक्शन के साथ दो और कंपनियों को पेमेंट किए जाने का ग्रीन सिग्नल भी मिल गया। लेकिन उस वक्त कमिटी के मेंबर रहे सुरेंद्र बुद्धिराजा ने बताया कि सारा काम गोपाल राय के दबाव में करा लिया गया।किसी के ऑब्जेक्शन्स पर ध्यान ही नहीं दिया गया।

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