नई दिल्ली: दिल को छू लेने वाला एक ऐसा विज्ञापन आया है जिसे देखकर पत्थर दिल वालों के भी आंसू छलक जाएंगे। विज्ञापन में एक छोटी-सी बच्ची को अपनी मां के बारे में बातते हुए दिकाया गया है। दरअसल ये विज्ञापन एक वास्तविक घटना पर आधारित है जिसका संबंध बच्ची गायत्री और उसे गोद लेने वाली मां से है।
विज्ञापन की शुरुआत गायत्री से होती है जो बोर्डिंग स्कूल लौटने की तैयारी कर रही है। वह कहती है कि उसकी मां चाहती हैं कि वह बड़ी होकर डॉक्टर बने, लेकिन उसे इस पेशे को अपनाने में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं है क्योंकि वह वकील बनना चाहती है। वह वकील बनकर अपनी मां की मदद करना चाहती है।
गायत्री अपनी 'मम्मी' से पहली मुलाक़ात के बारे में बताती है। दरअसल गायत्री ने अपने पिता को कभी नहीं देखा और उसे जन्म देने वाली मां तभी गुज़र गई थीं जब वह बहुत छोटी थी। इसके बाद उसकी 'मम्मी' ने उसे गोद ले लिया और अपने घर ले आईं। गायत्री तब बीमार थी और उन्होंने उसकी ख़ूब तीमारदारी की, उसे नए कपड़े लेकर दिए।
आज दोनों को साथ रहते 10 साल गुज़र चुके हैं और इस दौरान उनका रिश्ता और मज़बूत होता गया।
विज्ञापन में तब ट्विस्ट आता है जब वीडियो में गायत्री की मम्मी आती हैं और गायत्री दर्शकों से उनका परिचय कराती है। इस परिचय में पहली बार पता चलता है कि गायत्री की मम्मी दरअसल एक ट्रांसजेंडर हैं।
गायत्री बताती है कि उसकी मम्मी ने जिन्दगी में बहुत-सी परेशानियों का सामना किया है, लेकिन उसकी देखभाल में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी... फिर गायत्री कहती है, "मेरी नागरिक शास्त्र की पुस्तक कहती है कि प्रत्येक नागरिक को मूलभूत अधिकार मिलने चाहिए... तो फिर मेरी मम्मी को उनसे दूर क्यों रखा जाता है...?"
इसके बाद गायत्री कहती है, "बस, इसीलिए मैं डॉक्टर नहीं, वकील बनना चाहती हूं..."
यूट्यूब पर सिर्फ एक दिन में पांच लाख से ज़्यादा लोग ये वीडियो देख चुके हैं।