बुलंदशहर: यूपी के बुलंदशहर में ड्यूटी पर तैनात पुलिसवाले रात को हाईवे पर गश्त करने के बजाय चैन की नींद सो रहे थे। अगर पुलिस चौकन्नी रहती तो हाईवे पर गैंगरेप की वो दिल दहला देने वाली वारदात नहीं होती। इस वारदात की गूंज आज संसद में भी सुनाई दी और निशाने पर रही अखिलेश यादव की सरकार।
अखिलेश राज पर संसद में 'प्रहार'
जिस वारदात ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया, जिस दरिंदगी ने यूपी की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए उसी झकझोर देने वाली वारदात की गूंज आज संसद में भी सुनाई दी। यूपी के बुलंदशहर में हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात पर लोकसभा में भारी हंगामा हुआ। बीजेपी ने यूपी की अखिलेश सरकार पर उंगली उठाई और सीएम के इस्तीफे की मांग कर दी।
अखिलेश के खिलाफ BJP-BSP एक सुर
29 जुलाई की रात मां और बेटी के साथ नेशनल हाईवे नंबर-91 में हुई इस दरिंदगी को लेकर यूपी की अखिलेश सरकार पर चौतरफा हमला हो रहा है। इस मुद्दे पर बीजेपी और बीएसपी एक सुर में दिखाई रहे हैं। बीएसपी प्रमुख मायावती ने तो सीएम अखिलेश यादव को कह दिया कि अगर कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हो तो इस्तीफा दे दो।
'पुलिस ने तेज कार्रवाई की'
लेकिन बुलंदशहर की वारदात पर तीखे हमले झेल रही समाजवादी पार्टी ने सीएम अखिलेश के इस्तीफे की मांग को बेतुका बता रही है। समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि इस मामले में यूपी पुलिस ने सबसे तेजी से कार्रवाई की है।
'3 आरोपी पकड़े गए है'
डीआईजी लक्ष्मी सिंह का दावा है कि इस वारदात में तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया है जिनमें से एक की शिनाख्त पीड़ित परिवार ने कर दी है। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। सूत्रों के जरिये पकड़े गए आरोपियों के नाम भी पता चले हैं। तीनों के नाम हैं-
- रईस, जबर सिंह और शाहबाज़
- इनका ताल्लुक बावरिया गैंग से बताया जा रहा है
- आरोपियों से चेन और 5500 रुपये बरामद किए गए हैं
- अनुमान है कि 6-7 बदमाशों ने ये वारदात की
यूपी पुलिस के लिए इस वारदात में शामिल सारे बदमाशों को पकड़ना एक बड़ी चुनौती है इसलिए भी क्योंकि ये वारदात ऐसे वक्त में हुई है जब यूपी में कुछ महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने हैं और अखिलेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर विरोधियों के निशाने पर है।