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INX मीडिया केस: दिल्ली की अदालत ने 17 अक्टूबर तक बढ़ाई पी. चिदंबरम की न्यायिक हिरासत

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 03, 2019 03:42 pm IST,  Updated : Oct 03, 2019 09:24 pm IST

दिल्ली की अदालत ने INX मीडिया केस में देश के पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी है।

Chidambaram- India TV Hindi
दिल्ली की अदालत ने 17 अक्टूबर तक बढ़ाई पी. चिदंबरम की न्यायिक हिरासत Image Source : PTI (FILE)

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को बृहस्पतिवार को कोई राहत नहीं देते हुए 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। चिदंबरम ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख किया है और उनकी जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।

सीबीआई ने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था जिसके बाद विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने उन्हें 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। न्यायाधीश ने कहा, "जांच अभी लंबित है। जानकारी मिली है कि दिल्ली उच्च न्यायालय 30 सितंबर को आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। आवेदन में उल्लेखित तथ्यों और पहले के आदेशों में वर्णित परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं होने को ध्यान में रखते हुए आरोपी की न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक बढ़ाई जाती है।"

चिदंबरम (74) ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए तिहाड़ जेल में घर का बना खाना मुहैया कराने का अनुरोध किया, जिस पर अदालत ने उन्हें दिन में एक बार घर का बना भोजन मुहैया कराने की अनुमति दे दी। चिदंबरम ने कहा था कि न्यायिक हिरासत के दौरान उनका चार किलो वजन कम हो गया है। अदालत ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को चिदंबरम की सुरक्षा का ध्यान रखने और घर से मिले भोजन को जांच के बाद उन्हें मुहैया कराने का भी निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने कहा कि किसी भी चिकित्सा आवश्यकता के समय चिदंबरम का एम्स जैसे अस्पताल में इलाज कराया जाना चाहिये।

इधर, तिहाड़ जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने जमानत के लिये गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की जिसमें कहा गया कि उन्हें कैद में रखना एक तरह से सजा है और अज्ञात और असत्यापित आरोपों के आधार पर व्यक्ति की आजादी से इनकार नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल चिदंबरम की ओर से पेश हुए और न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ से याचिका को त्वरित आधार पर सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।

इस पर पीठ ने कहा कि मामले को प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के समक्ष भेजा जाएगा और वही मामले को सूचीबद्ध करने पर फैसला लेंगे। चिदंबरम 21 अगस्त को अपनी गिरफ्तारी के बाद से कभी सीबीआई हिरासत तो कभी न्यायिक हिरासत में 42 दिन बिता चुके हैं। सीबीआई ने 2007 में बतौर वित्त मंत्री चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड द्वारा 305 करोड़ रूपए के निवेश की मंजूरी दिये जाने में कथित अनियमितताओं को लेकर 15 मई, 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी।

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