चंडीगढ़: सभी सरकारी कर्मचारियों का डोप टेस्ट कराने का आदेश देने के कारण विवादों का सामना कर रहे पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने सोमवार स्पष्टीकरण दिया कि इस परीक्षण में पकड़े जाने पर कर्मचारियों को बर्खास्त या दण्डित नहीं किया जाएगा। इसके बदले में उन्हें उपचार मुहैया कराया जाएगा और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग नशीली दवाओं की लत छोड़ने के लिए उपचार वहन नहीं कर सकते , उनका खर्च सरकार उठाएगी।
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सिंह ने सरकार के नशा विरोधी अभियान की प्रगति की निगरानी के लिए कैबिनेट की उप समिति की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि पुलिस कर्मियों सहित सरकारी कर्मचारियों का डोप टेस्ट कराने के लिए दिशानिर्देश तथा मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाएं। पंजाब सरकार ने पुलिस अधिकारियों सहित सभी कर्मचारियों का अनिवार्य डोप टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। सरकारी कर्मियों सहित विभिन्न वर्गों ने इस कदम की आलोचना करते हुए सरकार पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया है।