नई दिल्ली: देश के अग्रणी क्रिकेट खिलाड़ी गौतम गंभीर ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा गुरमेहर कौर के प्रति समर्थन व्यक्त किया। गुरमेहर सोशल मीडिया पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों पर साझा किए गए अपने एक वीडियो और आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के विरोध को लेकर बीते कुछ दिनों से निशाने पर रही हैं। उन्हें जान से मारने और दुष्कर्म की धमकियां मिलीं जिसके बाद उन्होंने एबीवीपी के खिलाफ अभियान वापस ले लिया।
पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन मंदीप सिंह की बेटी गुरमेहर के खिलाफ बोलने वालों में धुरंधर क्रिकेट खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग, देश के शीर्ष मुक्केबाज विजेंदर सिंह, पहलवान योगेश्वर दत्त, महिला पहलवान बबिता फोगाट और बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा भी शामिल हैं।
गंभीर ने कहा है कि युद्ध की विभीषिका पर एक शहीद की बेटी के खिलाफ गिरोह बनाकर उसका मजाक उड़ाना 'घिनौनापन' है। गंभीर ने बुधवार को अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा है, "हम एक स्वतंत्र देश में रहते हैं, जहां सभी को अपना मत मानने की आजादी है। अगर एक शहीद की बेटी युद्ध की विभीषिका पर शांति के संदेश के साथ कुछ कहती है, तो उसे ऐसा करने का पूरा अधिकार है।"
वीडियो में गंभीर ने कहा है, "यह सभी के लिए अपनी-अपनी देशभक्ति दिखाने का अवसर नहीं है कि वे मिलकर गुरमेहर का मजाक उड़ाएं। अन्य किसी भी नागरिक की तरह उसे (गुरमेहर) भी अपना विचार रखने का अधिकार है। कोई उससे सहमत या असहमत हो सकता है, लेकिन इसके लिए मजाक उड़ाना घृणित है।"गंभीर ने कहा है कि वह भारतीय सेना का तहेदिल से सम्मान करते हैं, लेकिन हाल की घटनाओं से वह बेहद निराश हैं।
इस बीच, सहवाग ने गुरमेहर पर अपनी पिछली पोस्ट को लेकर स्पष्टीकरण में कई ट्वीट किए। सहवाग का कहना है कि उन्होंने वह जवाबी पोस्ट किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि 'हंसी ठिठोली के लिए' डाली थी। सहवाग ने ट्विटर पर लिखा है, "मेरा ट्वीट ठिठोली के उद्देश्य से था, न कि किसी के विचार का मजाक उड़ाने के लिए। सहमति या असहमति की तो बात ही नहीं थी।"
सहवाग ने आगे लिखा है, "उसे (गुरमेहर) अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है और जिस किसी ने उसे जान से मारने या दुष्कर्म की धमकी दी है, वह निम्नतम श्रेणी का व्यक्ति है।" सहवाग ने एक अन्य ट्वीट में कहा, "हर किसी को अपनी बात बिना किसी डर के कहने का अधिकार है। चाहे वह गुरमेहर कौर हो या फोगाट बहनें।"