बद्रीनाथ जोशीमठ और रुद्रप्रयाग में हजारों फंसे
उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद नदियों के उफान ने तबाही मचा दी है। जगह-जगह सड़कें, पुल टूट गए हैं जिससे करीब आठ बजार लोग फंस गए हैं। केदारनाथ में तीन हजार, बद्रीनाथ जोशीमठ में भी तीन हजार और रुद्रप्रयाग में दो हजार लोग फंसे हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव के काम में हेलीकॉप्टर्स को लगाया है। गौरीकुंड और गोविंदघाट से सैकड़ों तीर्थयात्रियों को निकाला गया।
दो दिन के लिए यात्रा रुकी
देव भूमी में भारी बरसात के चलते गंगा और सहायक नदियां उफान पर है और बढ़ते जल स्तर को ध्यान में रखते हुए कैदारनाथ यात्रा दो दिन के लिए रोक दी गई है। मंदाकिनी नदी का जल स्तर उफान पर है और इस नदी पर केदारनाथ के रास्ते पर बना पूल बह गया है।
उत्तराखंड में पिछले दो-तीन दिन में हुई भारी बारिश और उसके बाद लैंडस्लाइड ने देवभूमि पर आफत मचा दी है। कई जगहों पर सड़कों और पुलों का नामो निशान मिट गया है। नदियों के उफान की वजह से फिलहाल चार धाम यात्रा समेत हेमकुंड साहिब की यात्रा रुकी हुई है। लोगों को बीच में ही सुरक्षित जगहों पर रोक दिया गया है। आपदा की इस घड़ी में प्रशासन ने लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर्स को भी लगाया है।
सड़कों के धंसने और पुलों के बहने से हेमकुंड साहब के दर्शन करने आए सैकड़ों तीर्थयात्री भी फंस गए हैं। लोगों को कई घंटों तक गुरुद्वारों और धर्मशालाओं में शरण लेनी पड़ी। प्रशासन और SDRF की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत ही लोगों को यहां से निकालने का काम शुरू किया। लोगों को सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा भी लिया गया।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले 48 घंटे में भारी बारिश की आशंका जाहिर की है। देखिए इंडिया टीवी की वीडियो